विष्णु देवसाय की दृढ़ इच्छा ने शक्ति कर दिया कमाल,
लाल आतंक से मुक्त होकर बस्तर हो रहा मालामाल
बगीचा में 21 फरवरी को जन्म लेने वाले विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से नक्सलियों को धराशायी कर बस्तर को नक्सल मुक्त कर शांति, सुकून औऱ विकास धरती बनाकर नया इतिहास रच दिया है। बस्तर में विष्णुदेव के सुशासन का उदय होने वाला है। बस्तर पिछले 25 सालों से हर क्षण खून खराबे औऱ लहूलुहान होकर लाल आतंक का दंश झेल रहा । बस्तर के नक्सल महाभारत युद्ध के मार्गदर्शक औऱ जीत के रणनीतिकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सेनापति गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में हमारे चक्रधारी विष्णुदेव साय ने बस्तर को आतंक मुक्त कर नक्सिलयों की ताबूत में 31 मार्च को अंतिम कील ठोंकेंगे। नक्सलियों ने बस्तर को भयावह बना दिया था, जिसके शिकार हमारे भोले-भाले आदिवासियों को शिकार होना पड़ा। लेकिन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बल्तर में अमन-चैन कायम करने का संकल्प लेकर बस्तर की खूबसूरती को बनाए रखने के साथ आदिवासी संस्कृित, परंपरा को यथावत रखने डबल इंजन चलाकर नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर बस्तर का नया अध्याय लिख दिय़ा है। भटके आदिवासियों ने सरकार की पुनर्वास नीति को अपना कर बरगलाने वाले विघ्न संतोषियों को छोड़कर बस्तर को फिर से शांति का टापू बनाने का मन बनाया अब चंद दिनों में बस्तर फिर अपनी पुराकन संस्कृति और धरोहर को सहेजने में जुट जाएगी। जिसका श्रेय हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह औऱ हमारे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को जाता है।
मुख्यमंत्री ने दो वर्षों के कार्यकाल में मोदी की गारंटी के तहत किए गए सभी वायदों को पूरा किया । महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह माता-बहनों के खातों में हर माह 1000 रुपए की राशि अंतरित की जा रही है। किसानों से 3100 रुपये की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी के साथ ही तेंदूपत्ता संग्रहण दर प्रति मानक बोरा 5500 रुपए का भुगतान किया जा रहा है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए चरण पादुका का वितरण फिर से शुरू किया गया है।
नक्सलवाद से जल्द होगा मुक्त
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के द्वारा देश एवं राज्य के विकास में सबसे बड़ी बाधा माओवाद को मार्च 2026 तक समाप्त करने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा केंद्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर माओवाद आतंक से मुक्त करने की दिशा में अत्यंत ठोस एवं सार्थक कार्य किया जा रहा हैं। जल्द ही छत्तीसगढ़ राज्य माओवाद के आतंक से मुक्त हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा को आदिवासी समाज सहित संपूर्ण भारतवर्ष का गौरव बताते हुए, स्वाधीनता आंदोलन एवं राष्ट्र के नव निर्माण में जनजाति समाज के महापुरुषों एवं राष्ट्र भक्तों के योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरगुजा में आयोजित भगवान बिरसा मुंडा के जयंती के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आगमन हम सभी के लिए सौभाग्य एवं गर्व का विषय है।
विष्णु देव साय सरकार ने अपने दो साल पूरे करने के मौके पर मुख्यमंत्री साय ने जनता के सामने अपना रिपोर्ट पेश किया। दो साल की साय सरकार ने प्रदेश में कई बड़े-बड़े फैसले लिए हैं। राज्य सरकार ने नक्सली पुनर्वास नीति में बड़ा बदलाव किया है। अब आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को न सिर्फ जमीन दी जाएगी, बल्कि उन पर घोषित इनाम की पूरी राशि भी सीधे उन्हें मिलेगी। पहले यह राशि पुलिस विभाग को जाती थी। सरकार का कहना है कि इस बदलाव से हिंसा छोड़ने वालों को एक नई शुरुआत मिल सकेगी।
सरकार की उपलब्धियां पर नजर डाले तो पिछले दो साल में छत्तीसगढ़ में विकास की रफ्तार काफी बढ़ी है। उन्होंने एक नई किताब का विमोचन भी किया, जिसमें राज्य में हुए कामों का उल्लेख है। खास बात यह है कि यह पुस्तक स्थानीय गोंडी और हल्बी भाषा में भी प्रकाशित की गई है, ताकि आदिवासी समुदाय तक जानकारी आसानी से पहुंचे. मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास योजनाओं का फायदा गांव-गांव तक पहुंचे, यही उनकी सरकार की प्राथमिकता है।
नई उद्योग नीति का मिल रहा लाभ
सीएम के नेतृत्व में नई उद्योग नीति की वजह से राज्य में निवेश आ रहा है। अब तक राज्य में 8 लाख करोड़ रुपये के निवेस का प्रस्ताव मिल चुका है। नई नीति के बारे में कई जगहों पर बताया गया, जहां इसकी सराहना की गई। राज्य में पहली सेमी कंडक्टर यूनिट भी नवा रायपुर में स्थापित हो रही है।
रेल विकास
₹47,500 करोड़ से विभिन्न रेल परियोजनाओं को हो क्रियान्वयन हो रहा.
2014 से 2025 तक छत्तीसगढ़ में रेल पटरियों का दोगुना विस्तार हुआ.
इसके अलावा रायपुर में कार्गो सेवा शुरू हो चुकी है.
तेंदूपत्ते की कीमत बढ़ी
सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि तेंदूपत्ते की कीमत बढ़ाकर 5 हजार रुपए की गई है. चरण पादुका योजना दोबारा शुरू की गई है, ताकि किसानों के पैरों को चोट न लगे. 73 लाख गरीब परिवारों को राशन दिया जा रहा है. 5 लाख 62 हजार से ज्यादा भूमिहीन कृषि मजदूरों को हर साल 10 हजार रुपए देने की व्यवस्था की गई है. CGPSC में पिछली सरकार में हुए घोटालों पर कार्रवाई जारी है और अब PSC के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है.
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार
सीएम ने कहा कि छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से लंबे समय से जूझ रहा था, लेकिन दो साल में डबल इंजन सरकार के कारण स्थिति में बड़ा सुधार आया है. जवान मुस्तैदी से लड़ रहे हैं और नक्सलवाद समाप्ति की ओर है. नक्सलियों के आत्मसमर्पण के लिए नई नीति और बेहतर पुनर्वास योजना लागू की गई है. सरकार ने नियद नेल्ला नार योजना शुरू की है, जिससे बस्तर में राशन, दूरसंचार और स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार देखने को मिला है.
जांच का आश्वासन दिया
पीएससी घोटाले को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री ने जांच का आश्वासन दिया था और अब सीबीआई इसकी जांच कर रही है. उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में पीएससी की परीक्षाएं पारदर्शिता के साथ हुई हैं. गांवों से आए किसान और परिवार जब अपने सफल बच्चों के साथ मिलने आते हैं, तो उन्हें खुशी होती है. उनका कहना है कि लोगों का भरोसा बढ़ा है, और इसी विश्वास के कारण युवा अच्छी तैयारी कर परीक्षा में सफल हो रहे हैं.
दो साल में कई बड़े फैसले
- प्रदेश की महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 22 किश्तें भेजी जा चुकी हैं.
- तेंदूपत्ता का मानक बोरा 4000 से बढ़ाकर 5500 रुपये किया गया है.
- प्रदेश में चरण पादुका योजना फिर से शुरू की गई.
- 73 लाख गरीब परिवारों को निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया जा रहा.
- वर्तमान सरकार में दो साल से PSC परीक्षा पारदर्शी तरीके से संचालित.
- भूमिहीन किसानों को 10 हजार रुपये प्रतिवर्ष देने का वादा.
- किसानों से 21 क्विंटल धान प्रति क्विंटल 3100 रुपये में खरीदने का वादा पूरा.