दुर्ग। विदेश में MBA की पढ़ाई और पढ़ाई पूरी करने के बाद आकर्षक नौकरी दिलाने का झांसा देकर 19 लाख रुपये की धोखाधड़ी किए जाने का मामला सामने आया है। स्मृतिनगर चौकी, थाना सुपेला पुलिस ने मामले में गगन गुप्ता और जसविंदर सिंह डिगवा को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की है। वहीं मामले में स्वाती अग्रवाल गुप्ता का नाम भी सामने आया है। पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपराध करना स्वीकार किया है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
UK, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा की यूनिवर्सिटी में एडमिशन का दिया झांसा
पुलिस के अनुसार सेक्टर-01 भिलाईनगर निवासी सुमित अरमरकर ने 15 सितंबर 2026 को स्मृतिनगर चौकी में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि स्मृतिनगर स्थित टॉप कैरियर कंसल्टेंसी के संचालक गगन गुप्ता, उनकी पत्नी स्वाती अग्रवाल गुप्ता और पार्टनर जसविंदर सिंह डिगवा ने उन्हें विदेश में MBA की पढ़ाई कराने और पढ़ाई पूरी होने के बाद अच्छी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया।आरोपियों ने यूनाइटेड किंगडम, यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा की अलग-अलग यूनिवर्सिटियों में MBA में प्रवेश दिलाने का प्रलोभन दिया। इसके बाद आवेदक से अलग-अलग किस्तों और चेक के माध्यम से आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खातों में कुल 19 लाख रुपये जमा कराए गए।
रकम लेने के बाद टालते रहे, कनाडा सिटीजनशिप का भी दिया लालच
शिकायत के मुताबिक राशि प्राप्त करने के बाद आरोपियों ने विदेश भेजने और नौकरी दिलाने के नाम पर लगातार आश्वासन दिया, लेकिन मामले को टालते रहे। इसके बाद कनाडा की सिटीजनशिप दिलाने, नौकरी लगवाने और विजिटर वीजा के माध्यम से विदेश भेजने का भी प्रलोभन दिया गया।आवेदक को किर्गिस्तान भेजा गया, लेकिन वहां भी उसे नौकरी नहीं दिलाई गई। इसके बाद वह भारत वापस आ गया और अपनी रकम वापस मांगी। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने 2-2 लाख रुपये राशि के तीन चेक दिए, जिन्हें बैंक में जमा करने पर वे बाउंस हो गए।
चेक बाउंस होने के बाद पुलिस में शिकायत
रकम वापस नहीं मिलने और चेक बाउंस होने के बाद सुमित अरमरकर ने स्मृतिनगर चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर चौकी स्मृतिनगर, थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 1375/2026 दर्ज कर धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत विवेचना शुरू की गई।
पुलिस पूछताछ में अपराध स्वीकार करने का दावा
विवेचना के दौरान स्मृतिनगर पुलिस टीम ने आरोपी गगन गुप्ता और जसविंदर सिंह डिगवा को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में दोनों ने अपराध करना स्वीकार किया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों का पूर्व आपराधिक प्रकरण नहीं पाया गया है, इसलिए प्रकरण में धारा 35(1) BNSS के प्रावधानों का पालन करते हुए आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
ऐसे दिया जाता था झांसा
पुलिस के अनुसार आरोपियों का तरीका विदेश में MBA एडमिशन, पढ़ाई के बाद नौकरी, कनाडा की सिटीजनशिप और विजिटर वीजा दिलाने का प्रलोभन देना था। इसके बाद अलग-अलग किस्तों और चेक के माध्यम से रकम ली जाती थी। रकम मिलने के बाद विदेश भेजने और नौकरी दिलाने के नाम पर लगातार आश्वासन देकर आवेदक को टालते रहने का आरोप है।