बिलासपुर। जिले में कोनी थाना पुलिस ने चोरी के तीन मामलों का खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने रात के समय अंधेरे का फायदा उठाकर घरों के ताले तोड़कर सोने-चांदी के आभूषण, नकदी और अन्य सामान चोरी किए थे। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि एक विधि से संघर्षरत अपचारी बालक को किशोर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे और निशानदेही से कुल ₹4,81,488 कीमत का चोरी का सामान बरामद किया गया है। इसमें 1 किलो 190 ग्राम चांदी के आभूषण, 12 ग्राम सोने के आभूषण, दो मोटरसाइकिल, एक ओप्पो मोबाइल फोन, ₹6,700 नकद और चोरी में इस्तेमाल किया गया लोहे का सब्बल शामिल है।
तीन अलग-अलग तारीखों में हुई थी चोरी
पुलिस के मुताबिक, कोनी थाना क्षेत्र में 18 अगस्त, 10 सितंबर और 15 सितंबर 2026 को अलग-अलग स्थानों पर चोरी की घटनाएं हुई थीं। अज्ञात आरोपियों ने रात के समय घरों का ताला तोड़कर सोने-चांदी के जेवरात और नकदी पर हाथ साफ किया था। शिकायत के आधार पर कोनी थाने में अपराध क्रमांक 469/2026, 503/2026 और 512/2026 के तहत धारा 331(3), 305(a), 3(5) बीएनएस में मामले दर्ज किए गए थे।
सीसीटीवी फुटेज से पुलिस को मिला सुराग
चोरी की घटनाओं के बाद कोनी पुलिस ने घटनास्थलों और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस एक विधि से संघर्षरत बालक तक पहुंची। पूछताछ में उसके द्वारा अपने साथियों के साथ मिलकर तीनों चोरी की घटनाओं को अंजाम देने की जानकारी दिए जाने की बात पुलिस ने कही है।
इसके बाद पुलिस ने राहुल यादव (22), भीम शंकर वर्मा उर्फ करिया (20) और राकेश कुमार यादव उर्फ भोलू यादव (28) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने रात के समय घरों के ताले तोड़कर चोरी करने की बात स्वीकार की।
4.81 लाख का चोरी का सामान बरामद
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर तीनों मामलों में चोरी गया सामान बरामद किया। बरामदगी में 1 किलो 190 ग्राम चांदी के आभूषण, 12 ग्राम सोने के आभूषण, दो मोटरसाइकिल, एक ओप्पो मोबाइल, ₹6,700 नकद और घटना में प्रयुक्त लोहे का सब्बल शामिल है। पुलिस ने बरामद कुल मशरूका की कीमत ₹4,81,488 बताई है।
तीन आरोपी जेल भेजे गए
पुलिस के अनुसार, पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद राहुल यादव, भीम शंकर वर्मा उर्फ करिया और राकेश कुमार यादव उर्फ भोलू यादव को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। वहीं विधि से संघर्षरत अपचारी बालक को किशोर न्यायालय, बिलासपुर के समक्ष पेश किया गया।