इंफाल। गृह मंत्रालय ने मणिपुर को “अशांत क्षेत्र” घोषित किया। यह घोषणा 5 जिलों के 13 पुलिस स्टेशनों को छोड़कर पूरे मणिपुर पर अगले छह महीने तक लागू रहेगी। कल शाम ही मणिपुर के कमजोंग जिले में 4 नगा लोगों की हत्या कर दी गई है। इस साल अब तक 44 मौतें हुई हैं। पूरे राज्य में मई 2023 से कुकी और मैतई के बीच हिंसा चल रही है, जिसमें अब तक 300 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं।
मणिपुर में जारी हिंसा और सुरक्षा स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्य के अधिकांश हिस्से को अगले छह महीने के लिए ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित किया है। यह व्यवस्था 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगी। हालांकि, पांच जिलों के 13 पुलिस थाना क्षेत्रों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है।
यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब कामजोंग जिले में गुरुवार को चार नगा नागरिकों की हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार घटना भारत-म्यांमार सीमा के पास पिलोंग गांव में हुई। इस हमले में एक पिता-पुत्र समेत चार लोगों की मौत हुई है। हमले के लिए संदिग्ध सशस्त्र समूहों पर आरोप लगाए गए हैं, जबकि मामले की जांच जारी है।
चार नागरिकों की हत्या के विरोध में तांगखुल नगा लॉन्ग ने 25 सितंबर को 24 घंटे के बंद का आह्वान भी किया है। संगठन ने हमले के लिए संदिग्ध KNA-B कैडरों और सशस्त्र कुकी समूहों पर आरोप लगाया है, हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।