दुर्ग। डाटा एंट्री का काम दिलाने, डाटा रिकवर करने और पेमेंट रिलीज कराने के नाम पर 39 लाख 33 हजार 560 रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में दुर्ग पुलिस ने दो आरोपियों को उत्तराखंड से गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान राम निवास (42 वर्ष) और राहुल बिष्ट (23 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से घटना में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
पुलिस के अनुसार, नेहरू नगर, भिलाई निवासी 57 वर्षीय राजेश कुमार चौरसिया ने 2 जुलाई 2026 को चौकी स्मृतिनगर में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि अक्टूबर 2025 में इंडिया मार्ट के माध्यम से मोबाइल नंबर पर संपर्क कर उन्हें नोएडा स्थित ग्रीन रेस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में डाटा एंट्री का काम दिलाने की बात कही गई थी।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, कंपनी के साथ एग्रीमेंट होने के बाद मेडिकल, स्टील कारोबार, कंस्ट्रक्शन और इंपोर्ट-एक्सपोर्ट से संबंधित डाटा एंट्री का काम शुरू कराया गया। इसी दौरान डाटा करप्ट होने की बात कहकर उसे ठीक करने और विभिन्न सॉफ्टवेयर टूल्स खरीदने के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा कराए गए। इस तरह शिकायतकर्ता के आईडीएफसी बैंक खाते से कुल 39,33,560 रुपये लिए जाने का आरोप है।
शिकायत के आधार पर सुपेला थाना, चौकी स्मृतिनगर में अपराध क्रमांक 935/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 3(5) में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपियों के बैंक खातों और मोबाइल नंबरों से संबंधित तकनीकी जानकारी जुटाई।
इसके आधार पर पुलिस टीम उत्तराखंड के नैनीताल जिले के हल्द्वानी पहुंची, जहां से राम निवास और राहुल बिष्ट को गिरफ्तार किया गया।