राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बस्तर दशहरा में देखी जनजातीय परंपराओं की झलक, CM साय बोले – विरासत को सहेजना हमारा दायित्व

जगदलपुर। ऐतिहासिक बस्तर दशहरा के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने जनजातीय परंपराओं पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक कलाकृतियों और जनजातीय जीवनशैली से जुड़ी परंपराओं की झलक देखने को मिली। राष्ट्रपति के इस दौरे ने बस्तर की अनूठी सांस्कृतिक पहचान और ऐतिहासिक परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर दिया।

बस्तर की विरासत हमारी पहचान : मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर की सांस्कृतिक धरोहर पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि बस्तर की हर परंपरा में हमारे पुरखों की स्मृतियां समाहित हैं। यहां की प्रत्येक कलाकृति में पीढ़ियों की साधना और अपनी माटी के प्रति असीम प्रेम झलकता है। उन्होंने कहा कि बस्तर की यह अनमोल विरासत लोगों को अपनी जड़ों से जोड़ती है और अपनी सांस्कृतिक पहचान पर गर्व करना सिखाती है।

आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना जरूरी

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जनजातीय परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजना केवल अपने पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है। बस्तर की पारंपरिक कला, संस्कृति और रीति-रिवाज यहां के लोगों के जीवन, इतिहास और सामुदायिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन परंपराओं का संरक्षण क्षेत्र की सांस्कृतिक समृद्धि को बनाए रखने के लिए आवश्यक है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *