इंदौर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में ‘मध्यप्रदेश अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने निवेशकों और उद्योगपतियों के साथ विचार साझा किए और प्रदेश में औद्योगिक विकास तथा निवेश की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उद्योग अनुकूल नीतियों के परिणामस्वरूप मध्यप्रदेश में करीब 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें से लगभग 12 लाख करोड़ रुपये के निवेश धरातल पर उतर चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी क्षेत्रों में विकास की व्यापक संभावनाएं हैं और सरकार निवेश को बढ़ावा देने के लिए प्रयास कर रही है।

निर्यात और धार्मिक पर्यटन पर जोर
सीएम मोहन यादव के अनुसार, मध्यप्रदेश में लगभग 76 हजार करोड़ रुपये के निर्यात की क्षमता है। वहीं, धार्मिक पर्यटन से प्रदेश की अर्थव्यवस्था में व्यापक बदलाव देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक गतिविधियों और पर्यटन को बढ़ावा देने से प्रदेश के आर्थिक विकास को नए अवसर मिल सकते हैं।
सेमीकंडक्टर और आर्थिक कॉरिडोर पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में मध्यप्रदेश तेजी से निवेश प्राप्त करने वाले राज्यों में शामिल है। इसके अलावा, ग्वालियर में प्रस्तावित TMZ और इंदौर, भोपाल तथा जबलपुर को जोड़ने वाले आर्थिक कॉरिडोर जैसी पहल प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश में निवेश के अवसर बढ़ाना, उद्योगों को प्रोत्साहित करना और विभिन्न क्षेत्रों में विकास को आगे बढ़ाना है।