Headlines

ICU में मरीज, पैसा जमा नहीं करने पर इलाज होल्ड कर रहा हॉस्पिटल प्रबंधक

डॉक्टरी पेशा बना कमाई का जरिया, मानवीय संवेदनाएँ शून्य 

रिपोर्टर नीलमणी पाल

रायपुर। राजधानी के कमल विहार स्थित निजी हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मरीज के साथ बर्बरता पूर्वक व्यवहार किया गया। मरीज के परिजनों ने शुरुआत में जो पैसे जमा किए थे उतने पैसे जमा होने तक इलाज जारी रखा उसके बाद मरीज के परिजनों को और पैसे जमा करने की डिमांड की गई।

मरीज के परिजन ने कुछ राहत देने की बात की लेकिन हॉस्पिटल प्रबंधन नहीं पसीजा। मरीज के हालत में ICU में इलाज के दौरान कुछ सुधार भी हुआ लेकिन बार बार पैसे की डिमांड के चलते मरीज का इलाज न कर हॉस्पिटल ने मरीज का इलाज रोक दिया, जिससे तकलीफ बढ़ती गई। फ़िलहाल मरीज की हालत में पहले से सुधार आई है। 

परिजन ने बताया कि मरीज को 8 जून की रात 10 बजे एडमिट कराया गया, आज की तारीख में हॉस्पिटल द्वारा ढाई लाख का बिल बना दिया गया है। आयुष्मान कार्ड से सिर्फ प्रतिदिन 9 हजार काटने की बात कही जा रही है। जबकि आयुष्मान के नियम अनुसार मरीज के हालत के हिसाब से राशि काटी जाती है। डॉक्टर से बात करने पर उन्होंने भी यही बात कही। 

इलाज होल्ड और लूट भी 

मरीज के परिजन को कहा जाता है कि जब तक पैसे जमा नहीं करेंगे। आगे मरीज का इलाज नहीं होगा। हालांकि मरीज ICU में भर्ती रहेगा। ऑक्सीजन लगा रहेगा। इंजेक्शन और अन्य जांच नहीं किया जाता है। लेकिन ICU का बिल बराबर बनता रहेगा ही। 

प्राइवेट हॉस्पिटलों के खिलाफ सख्ती बरतने में स्वास्थ्य विभाग मौन 

 स्वास्थ्य विभाग मौन है, प्राइवेट हॉस्पिटलों के खिलाफ सख्ती बरतने में सक्रीय नजर नहीं आ रहे है। आयुष्मान कार्ड धारी मरीज अपना इलाज कराने में असक्षम है। क्योंकि प्राइवेट हॉस्पिटलों द्वारा अलग-अलग कारण बताकर आयुष्मान का लाभ उठाने नहीं दिया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *