सर्पमित्र ही ओडिशा से महाराष्ट्र गांजा सप्लाई करता था, गांजा ट्रांसपोर्टिंग गिरोह का भंडाफोड़

रायपुर/महासमुंद। सर्पमित्र ही ओडिशा से महाराष्ट्र गांजा सप्लाई करता था, छग पुलिस ने गांजा ट्रांसपोर्टिंग गिरोह के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।महासमुंद। जिले की पुलिस द्वारा “नशामुक्त महासमुंद” के लक्ष्य के अनुरूप अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत निरंतर एवं सघन अभियान संचालित किया जा रहा है, ऐसे नेटवर्क के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्यवाही के लिए महासमुंद पुलिस सख्त है।

थाना कोमाखान में पंजीबद्ध नारकोटिक्स एक्ट के प्रकरण में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और महासमुंद पुलिस द्वारा त्वरित व प्रभावी कार्यवाही करते हुए 520 किग्रा अवैध गांजा जब्त किया गया है। केस में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 1 थोक खरीददार, 02 खुदरा बिक्रीकर्ता, 01 परिवहन सरगना, 04 परिवहनकर्ता एवं 01 मुख्य थोक विक्रेता (बैकवर्ड लिंक) शामिल हैं।

केस का विवरण

• प्रकरण में पुणे (महाराष्ट्र) से प्रमुख खरीददार रामदास चंदू सोनवाने को गिरफ्तार किया गया है।
• प्रमुख खरीददार का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड पाया गया है तथा वह तड़ीपार भी रहा है। जानकारी अनुसार उसके दोनों बेटे पिता के निर्देश में पुणे क्षेत्र में गांजा वितरण/सप्लाई से जुड़े नेटवर्क में सक्रिय थे।
• विवेचना के दौरान इनकी लगभग ₹4 करोड़ की संपत्ति चिन्हांकित की गई है, जिस पर SAFEMA के अंतर्गत संपत्ति अटैच करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

मुख्य सरगना/परिवहन नेटवर्क (महाराष्ट्र लिंक)
• ओडिशा से महाराष्ट्र तक गांजा परिवहन नेटवर्क चलाने वाला मुख्य सरगना आकाश जाधव भी गिरफ्तार किया गया है।
• प्रारंभिक जानकारी अनुसार पिछले 01 वर्ष में विभिन्न माध्यमों से 06 बार गांजा ट्रांसपोर्टिंग की गई। पुणे के एक प्रकरण में वह पिछले 06 माह से फरार था।
• आरोपी आकाश जाधव सोशल मीडिया पर “Sarpmitra Akash Jadhav” नाम से सक्रिय है—
• YouTube: 56,80,000 फॉलोवर्स (लगभग)
• Instagram: 3,17,000 फॉलोवर्स (लगभग)
• गांजा तस्करी के अतिरिक्त वह सर्प-रक्षा/स्नेक रेस्क्यू गतिविधियों से भी जुड़ा रहा है।
• आकाश जाधव की भी लगभग ₹1.5 करोड़ की संपत्ति चिन्हांकित की गई है।

बैकवर्ड लिंक (ओडिशा)
• गांजा संग्रह कर बिक्री/आपूर्ति करने वाला मुख्य आरोपी रंजन दुर्गा (ओडिशा) को गिरफ्तार किया गया है।

प्रकरण विवरण
• थाना: कोमाखान
• अपराध क्रमांक: 03/2026
• धारा: 20(ख)(2)(सी), 29 एनडीपीएस एक्ट; 338, 336(3), 340(2) बीएनएस
• जप्त गांजा: 520 किग्रा
• अनुमानित कीमत: ₹2,60,00,000/- (2 करोड़ 60 लाख)

गिरफ्तार आरोपियों के नाम

परिवहनकर्ता
1. सागर बाघ, पिता- गोकूल बाघ, उम्र 26 वर्ष, निवासी- रामबाई नगर मोतीबाग, जूना जालना, थाना/जिला- जालना, महाराष्ट्र
2. संजीव अहिरे, पिता- गोकूल अहिरे, उम्र 45 वर्ष, निवासी- अंगई, थाना- अजिंटा सिल्लोड, जिला- औरंगाबाद, महाराष्ट्र
3. सुशील दाभाडे, पिता- कृष्णा दाभाडे, उम्र 20 वर्ष, निवासी- मुकुंदनगर, तुलजा भवानी स्कूल के पास, रेलवे लाइन, औरंगाबाद, महाराष्ट्आ

दित्य पाखरे, पिता- अशोक पाखरे, उम्र 30 वर्ष, निवासी- अहिल्यानगर, महाराष्ट्र

    गांजा परिवहन सरगना / फॉरवर्ड लिंक मीडिएटर
    1. आकाश जाधव, पिता- मनोहर जाधव, उम्र 35 वर्ष, निवासी- अहिल्यानगर, महाराष्ट्र
    • आपराधिक रिकॉर्ड: PS- अहिल्यानगर, महाराष्ट्र | अपराध क्रमांक- 574/25 | धारा- 20(ख)
    नारकोटिक्स एक्ट

    गांजा मंगाने वाला (फॉरवर्ड लिंक)
    1. रामदास चंदू सोनवाने, पिता- चंदू शंकर सोनवाने, निवासी- खड़कवासला, जिला- पुणे, महाराष्ट्र (मुख्य खरीददार)
    • आपराधिक रिकॉर्ड: PS- हवेली, जिला- पुणे ग्रामीण, महाराष्ट्र
    • धारा: The Maharashtra Prohibition Act, 1989 [65(c)]
    • अपराध क्रमांक: 6018/11, 6008/14, 6001/14, 6021/14
    2. कुनाल सोनवाने, पिता- रामदास चंदू सोनवाने, उम्र 20 वर्ष, निवासी- खड़कवासला, जिला- पुणे, महाराष्ट्र
    3. प्रतीक सोनवाने, पिता- रामदास चंदू सोनवाने, उम्र 19 वर्ष, निवासी- खड़कवासला, जिला- पुणे, महाराष्ट्र

    गांजा देने वाला (बैकवर्ड लिंक)
    रंजन दुर्गा, पिता- जयराम दुर्गा, उम्र 43 वर्ष, निवासी- चारबहाल, थाना- कोकसरा, जिला- कालाहांडी, उड़ीसा

    यह कार्यवाही एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और महासमुंद पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से की गई है। यह कार्यवाही अन्तरराज्यीय समन्वय का भी एक अनूठा उदाहरण, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स, महाराष्ट्र के सक्रिय और भरपूर सहयोग से महाराष्ट्र में आरोपियों को दबोचने में सफलता मिली।

    “उक्त कार्यवाही के दौरान जप्त सामग्री का विधिवत वजन/सील-मुद्रांकन कर पंचनामा तैयार किया गया। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश कर वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। इस गांजा सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य संलिप्त व्यक्तियों, वित्तीय लेन-देन एवं संपत्तियों की पहचान कर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

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