रायगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में महिलाओं, युवतियों और नाबालिग से संबंधित संवेदनशील अपराधों में त्वरित कार्रवाई के लिए चलाए जा रहे “अभियान संवेदना” के तहत थाना अजाक पुलिस ने दुष्कर्म के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे रिमांड पर भेजा गया है।
जानकारी के अनुसार दिनांक 29 अगस्त 2026 को स्थानीय महिला द्वारा महिला थाना रायगढ़ में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। शिकायत के अनुसार उसकी बेटी (16 साल) पूंजीपथरा क्षेत्र में मजदूरी का काम करती है और स्थानीय प्लांट के क्वार्टर में रहती थी। इसी दौरान पूर्व में जिस प्लांट कॉलोनी के क्वार्टर में वे रहते थे, वहां गार्ड के रूप में काम करने वाले करन जयपुरी से उसकी बेटी की दिनांक 07 मई 2026 को पहचान हुई थी।
परिचय के बाद आरोपी ने बालिका का मोबाइल नंबर लिया और मैसेज के जरिए बातचीत करने लगा। बाद में आरोपी ने नाबालिग को पसंद करने और उससे शादी करने की बात कहते हुए उससे मिलने के लिए आना-जाना शुरू कर दिया। परिवार के पूंजीपथरा क्षेत्र में आकर रहने के बाद भी आरोपी वहां लड़की से मिलने आता रहा। शिकायत के अनुसार दिनांक 09 जून 2026 को सुबह नाबालिग घर में अकेली थी। इसी दौरान आरोपी करन जयपुरी घर पहुंचा और शादी करने की बात कहते हुए उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाया।
बालिका के अनुसार इसके बाद आरोपी लगातार मौका पाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता रहा। महिला थाना में आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 77/2026 धारा 3(2)(va) एट्रोसिटी एक्ट धारा 64(1), 87 भारतीय न्याय संहिता एवं 4,6 पोक्सो एक्ट के तहत अपराध पंजीबद किया गया।