40 आईटी कंपनियों से हुआ एमओयू, G-RAM जी योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ेगा रोजगार

An MoU has been signed with 40 IT companies; the G-RAM G scheme will boost employment in rural areas. An MoU has been signed with 40 IT companies; the G-RAM G scheme will boost employment in rural areas.

दुर्ग(DURG)। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जिले में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण की बैठक के दौरान विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (जीरामजी) को ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं आजीविका के लिए क्रांतिकारी योजना बताया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा शुरू की गई यह योजना एक नई ग्रामीण रोजगार योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका को बढ़ावा देना है। यह योजना मनरेगा की जगह पर शुरू की गई है और इसमें कई नए प्रावधान किए गए हैं।

इस योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को साल में 125 दिनों का रोजगार दिया जाएगा, जो पूर्व में केवल 100 दिवस का था। काम नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता, एक सप्ताह में मजदूरी का भुगतान किया जाएगा। अगर मजदूरी का भुगतान 15 दिनों के भीतर नहीं किया जाता है, तो 0.05 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जाएगा। इसके तहत ग्राम पंचायतों को योजना बनाने और कार्यान्वयन की जिम्मेदारी दी गई है।

भारत सरकार द्वारा इस योजना के लिए वर्ष 2026-27 में 95,692.31 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान रखा गया है। उल्लेखनीय है कि पूर्ववर्ती बजट 88,000 करोड़ रुपये (मनरेगा के लिए) निर्धारित था। मुख्यमंत्री साय ने राज्य में इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा है कि इससे व्यापक पैमाने पर जरूरतमंदों को उनके गांवों में रोजगार एवं आजीविका के अवसर उपलब्ध होंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय की मौजूदगी में आज 40 आईटी कंपनियों और आईटी के निदेशकों के बीच एमओयू हुआ। मुख्यमंत्री साय ने यस चिट फंड कंपनी के निवेशकों को उनके द्वारा निवेश किए गए राशि का चेक प्रदान किया। इसके अंतर्गत कुल 4601 निवेशकों को 7 करोड़ 38 लाख 24 हजार 100 की राशि का चेक प्रदाय किया गया।

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