बैगा-पुजारियों को 5 हजार सालाना दे रही साय की सरकार

धमतरी। अनुसूचित जनजाति वर्ग के पारंपरिक देव स्थलों में पूजा एवं सेवा करने वालों को सम्मान देने की घोषणा के परिपालन में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा बैगा पुजारी सम्मान निधि योजना 2025 लागू की गई है। यह योजना धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत सम्मिलित ग्रामों में लागू होगी। इसके तहत पारंपरिक देव स्थलों में पूजा, सेवा एवं सामाजिक दायित्व निभा रहे अनुसूचित जनजाति वर्ग के बैगा, माझी, पालकी/बालकी, गायता, पाहन, देवरी, सिरहा आदि को सम्मानित किया जाएगा। योजना का उद्देश्य इनके पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित करना, उसका अभिलेखीकरण करना तथा उसे आगामी पीढ़ी तक हस्तांतरित करना है।

योजना के अंतर्गत ऐसे व्यक्ति जो लगातार कम से कम दो पीढ़ियों से तथा न्यूनतम पांच वर्षों से पारंपरिक देव स्थलों में पूजा एवं सेवा कर रहे हैं, उन्हें प्रतिवर्ष 5,000 रुपये की सम्मान निधि प्रदान की जाएगी। यह योजना केवल छत्तीसगढ़ राज्य के अनुसूचित जनजाति वर्ग के पात्र व्यक्तियों के लिए लागू होगी, जो अपने ग्राम क्षेत्र में नियमित रूप से सेवा दे रहे हों और पारंपरिक धार्मिक-सामाजिक ज्ञान रखते हों।

चयन प्रक्रिया के तहत धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में सम्मिलित ग्रामों की ग्राम सभा द्वारा पारंपरिक देव स्थलों में सेवा करने वाले पात्र व्यक्तियों का चयन किया जाएगा। ग्राम सभा की बैठक में कम से कम एक तिहाई गणपूर्ति होना अनिवार्य होगा। प्रत्येक ग्राम सभा एक ग्राम के लिए एक या एक से अधिक व्यक्ति अथवा एक से अधिक ग्राम के लिए एक व्यक्ति का चयन कर सकती है। हालांकि, एक ग्राम से प्रतिवर्ष केवल एक व्यक्ति को 5,000 रुपये की सम्मान राशि दी जाएगी। यदि किसी ग्राम से एक से अधिक व्यक्ति चयनित होते हैं, तो नियमित आवर्तन के आधार पर प्रतिवर्ष सम्मान राशि प्रदान की जाएगी।
ग्राम सभा की अनुशंसा के आधार पर संबंधित जनपद पंचायत स्तर पर समिति का गठन किया जाएगा। समिति का गठन मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत द्वारा किया जाएगा, जिसमें जनपद पंचायत अध्यक्ष, मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सदस्य सचिव) तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग का एक जनपद सदस्य शामिल रहेगा। ग्राम सभा से प्राप्त नामों का परीक्षण एवं सत्यापन जनपद पंचायत द्वारा किया जाएगा और पूर्ण दस्तावेजों सहित प्रस्ताव सहायक आयुक्त आदिवासी विकास को निर्धारित प्रपत्र में भेजा जाएगा।

सहायक आयुक्त आदिवासी विकास द्वारा संकलित सूची को कलेक्टर के अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया जाएगा। योजना के लिए निर्मित पोर्टल पर चयनित व्यक्तियों की आधार-आधारित ई-केवायसी जानकारी अपलोड की जाएगी। कलेक्टर द्वारा अनुमोदित सम्मान निधि प्राप्त व्यक्तियों की जानकारी का वाचन संबंधित ग्राम सभा में किया जाएगा। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग ने बताया कि जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार समस्त आवश्यक कार्यवाही पूर्ण करते हुए निर्धारित प्रपत्र में जानकारी 27 जनवरी 2026 तक संबंधित कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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