तालाबों में मखाने की खेती से हो रही किसानों की आय में वृद्धि 

Farming of Makhana in ponds is increasing the income of farmers. Farming of Makhana in ponds is increasing the income of farmers.

धमतरी। किसानों की आय में वृद्धि एवं कृषि को विविधिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मखाना की खेती के विस्तार एवं विकास हेतु भारत सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 में नवीन “Central Sector Scheme for Development of Makhana” योजना प्रारंभ की गई है। यह योजना किसानों के लिए एक नवीन, लाभकारी एवं टिकाऊ कृषि विकल्प के रूप में उभर रही है। जिला प्रशासन धमतरी के मार्गदर्शन एवं सक्रिय पहल से जिले के 7 ग्राम पंचायतों — पीपरछेड़ी, सरसोंपुरी, छाती/डाड़ेसरा, राखी, रांकाडीह, मोतिमपुर एवं सांकरा — के कुल 125 एकड़ तालाबों में मखाना उत्पादन की खेती किए जाने का निर्णय लिया गया है।

इस योजना के अंतर्गत पारंपरिक तालाबों का वैज्ञानिक उपयोग कर किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। योजना की शुरुआत जिले के ग्राम छाती/डाड़ेसरा से की गई है, जहां महिला स्व सहायता समूहों की सक्रिय सहभागिता के साथ मखाना की खेती का कार्य प्रारंभ किया गया है। ग्राम छाती/डाड़ेसरा में शैल पुत्री स्व सहायता समूह एवं नयी किरण स्व सहायता समूह, देमार की महिलाओं द्वारा मखाना उत्पादन किया जा रहा है। इस पहल में कुल 25 महिला कृषक समूह शामिल हैं, जो महिला सशक्तिकरण का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करता है।

ग्राम छाती/डाड़ेसरा के 29 एकड़ तालाब में मखाना पौध का रोपण कार्य सफलतापूर्वक प्रारंभ किया गया है। कृषि एवं मत्स्य विभाग द्वारा किसानों एवं महिला समूहों को तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण एवं आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा रहा है, जिससे उत्पादन की गुणवत्ता एवं उत्पादकता में वृद्धि सुनिश्चित हो सके। मखाना की खेती से न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। जिला प्रशासन का यह प्रयास आत्मनिर्भर कृषि, महिला सशक्तिकरण एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।

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