रायपुर (छत्तीसगढ़)। संत आशारामजी बापू की दिव्य प्रेरणा, आशीर्वाद व सेवा-संस्कारों के मार्गदर्शन में श्री हनुमान मंदिर पंडरी परिसर में साधक परिवार रायपुर द्वारा संचालित गुरु प्रसाद सेवा रथ के माध्यम से भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। यह सेवा रथ वर्ष 2022 से निरंतर चल रहा है और शहर के विभिन्न क्षेत्रों, गाँवों तथा गरीब बस्तियों में पहुँचकर निःस्वार्थ सेवा का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।
कार्यक्रम के दौरान यह प्रेरक संदेश प्रमुखता से दिया गया—
“प्यासे को पानी पिलाया नहीं तो बाद में अमृत पिलाने का क्या लाभ…
भूखे को भोजन खिलाया नहीं तो बाद में अमृत पिलाने से क्या फायदा…।”
गुरु प्रसाद सेवा रथ – सेवा का चलित माध्यम
गुरु प्रसाद प्रचार व सेवा रथ के माध्यम से
✔️ भंडारा वितरण
✔️ शीतल जल सेवा
✔️ गरीब एवं असहायों को भोजन
✔️ रोगियों और राहगीरों की सहायता
✔️ युवाओं को नशामुक्ति व संस्कार का संदेश
जैसी अनेक गतिविधियाँ निरंतर संचालित हो रही हैं।
यह सेवा रथ “सबका मंगल–सबका भला” का संदेश लेकर घर–घर, बस्ती–बस्ती पहुँच रहा है।
युवा पीढ़ी में संस्कार जागृति का अभियान
साधक परिवार रायपुर द्वारा
📌 14 फरवरी – माता-पिता पूजन दिवस
📌 25 दिसम्बर – तुलसी पूजन दिवस
का भव्य आयोजन कर युवाओं को भारतीय संस्कृति, ब्रह्मचर्य, संयम और सदाचार के जीवन मूल्यों से जोड़ा जा रहा है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को माता-पिता के सम्मान और प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया जाता है।
संत आशाराम बापू का आशीर्वाद
सभी सेवा गतिविधियाँ संत आशारामजी बापू के संकल्प, संस्कार और प्रेरक वचनों से प्रेरित होकर संचालित हो रही हैं। समाज के संभ्रांतजनों, दानदाताओं, सेवाधारियों तथा विभिन्न संगठनों के सहयोग से यह अभियान निरंतर प्रगति कर रहा है। शासन एवं प्रशासन द्वारा भी समय-समय पर आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
इसी कड़ी मे संत आशाराम बापू की पावन प्रेरणा से साधक परिवार क़े गोविंदानी परिवार द्वारा गुरु प्रसाद सेवा रथ मे 27 जनवरी मगलवार क़ो श्री हनुमान मंदिर के सामने गेट नम्बर 2 पंडरी कपड़ा मार्केट रायपुर मे दोपहर 2 बजे विशाळ भंडारे जिसमे पुलाव कड़ी, हळूवा व ऋषि प्रसाद पत्रिका का वितरण का आयोजन किया गया!
बड़े स्तर पर सहभागिता
मीडिया प्रभारी शोभराज मल ने बताया कि इस सेवा कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित रहे, सुमीत अरोड़ा, हरेश गोविंदानी, दीपक विधानी, गोपाल तेजवानी, दाऊ लाल निषाद,विजय अमरानी, डी.डी. सोनी, मनोज गोगिया, साधिका बहनें तथा बाल संस्कार केंद्र के सेवाधारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहकर सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
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