कुपोषण दर 8.23 प्रतिशत, समन्वित कार्ययोजना के साथ लक्षित कार्रवाई के निर्देश

Malnutrition rate 8.23 ​​percent, instructions for targeted action with coordinated action plan Malnutrition rate 8.23 ​​percent, instructions for targeted action with coordinated action plan

धमतरी। महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक दिनांक 24 फरवरी 2026 को जिला पंचायत सभाकक्ष में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत गजेंद्र ठाकुर ने की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में यूनिसेफ के अधिकारियों की उपस्थिति रही। मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग की चिरायु टीम को निर्देशित किया कि सैम (Severe Acute Malnutrition) एवं मैम (Moderate Acute Malnutrition) बच्चों की स्क्रीनिंग के बाद तत्काल उपचार सुनिश्चित किया जाए। आरबीएसके टीम द्वारा चिन्हित एनीमिक बच्चों का नियमित फॉलोअप किया जाए तथा सुपरवाइजर की उपस्थिति में दवा सेवन कराया जाए।

जिला पंचायत ठाकुर ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के आंकड़ों में कुपोषित बच्चों और गर्भवती महिलाओं की संख्या में किसी प्रकार का अंतर नहीं होना चाहिए। अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई कि जिले में वर्तमान कुपोषण दर 8.23 प्रतिशत है। सीईओ जिला पंचायत गजेन्द्र ठाकुर ने बैठक में समस्त सीडीपीओ एवं विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि विकासखण्ड स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में समन्वय बैठक आयोजित कर संयुक्त कार्ययोजना तैयार करें तथा नवाचार आधारित गतिविधियों के माध्यम से कुपोषण उन्मूलन की दिशा में प्रभावी पहल करें।

यूनिसेफ की प्रभारी अधिकारी नामिता पाण्डेय ने जीवन चक्र आधारित समेकित पोषण रणनीति की जानकारी देते हुए बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं मितानिन संयुक्त रूप से गृहभेंट कर हितग्राहियों को परामर्श दें। उन्होंने किशोर बालिकाओं में एनीमिया की पहचान, नवविवाहित दंपत्तियों का सूचीकरण, सुरक्षित मातृत्व, हाईरिस्क गर्भावस्था की पहचान, शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव, जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान, प्रसव पश्चात मातृ देखभाल, छह माह तक अनन्य स्तनपान, छह माह से तीन वर्ष तक पूरक आहार की नियमित निगरानी तथा तीन से छह वर्ष तक के बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा एवं विकासात्मक गतिविधियों पर संयुक्त रूप से कार्य करने पर जोर दिया।

बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी, समस्त परियोजना अधिकारी एवं पर्यवेक्षक उपस्थित रहे। जिला प्रशासन ने कुपोषण मुक्त धमतरी के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु समन्वित एवं परिणामोन्मुख कार्यवाही सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

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