सीटू के प्रतिनिधियों ने श्रम अन्न सहायता योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु कलेक्टर का किया आभार व्यक्त
धमतरी। श्रम विभाग की शासन की महत्वाकांक्षी शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न सहायता योजना के सफल प्रारंभ एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आज श्रमिक संगठन सीटू (सेंटर ऑफ इंडिया ट्रेड यूनियन्स) के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर अबिनाश मिश्रा से भेंट कर आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधियों ने बताया कि कलेक्टर की पहल से श्यामतराई सब्जी मंडी में कार्यरत श्रमिकों को मात्र 5 रुपये में पौष्टिक एवं गरम भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इस योजना से प्रतिदिन सैकड़ों श्रमिक, विशेषकर दूरदराज क्षेत्रों एवं अन्य जिलों से आए श्रमिक लाभान्वित हो रहे हैं। इस जनहितकारी पहल के लिए कलेक्टर महोदय तथा श्रम विभाग के श्रम पदाधिकारी प्रशंसा के पात्र हैं। इस अवसर पर यूनियन प्रतिनिधियों द्वारा समान स्वरूप आभार पत्र भेंट कर कलेक्टर महोदय एवं श्रम पदाधिकारी को सम्मानित किया गया।
मुलाकात के दौरान यूनियन प्रतिनिधियों ने श्यामतराई सब्जी मंडी क्षेत्र में श्रमिकों के नियमित रोजगार की व्यवस्था, तथा श्रमिक वर्ग को सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु ईएसआईसी अस्पताल के लिए भूमि आबंटन एवं चिन्हांकन की मांग भी रखी। कलेक्टर मिश्रा ने यूनियन की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए आवश्यक निराकरण का आश्वासन दिया तथा श्रमिक हितों से संबंधित योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन हेतु संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत ग्राम कपालफोड़ी में जागरूकता शिविर आयोजित
धमतरी जिले के विकासखंड मगरलोड अंतर्गत ग्राम पंचायत कपालफोड़ी में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं क्रियान्वयन हेतु ग्राम पंचायत परिसर में जागरूकता एवं पंजीयन शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों को योजना के उद्देश्य, लाभ, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया तथा सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित करने की तकनीकी जानकारी विस्तार से प्रदान की गई।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा प्रदत्त अनुदान, सब्सिडी तथा बैंक के माध्यम से उपलब्ध ऋण सुविधाओं के बारे में भी अवगत कराया गया। शिविर में विद्युत विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, बैंक प्रतिनिधि, अधिकृत वेंडर, ग्राम सरपंच, सचिव, पंचगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
शिविर में मौके पर ही सरपंच एवं सचिव सहित कुल 17 ग्रामीणों द्वारा योजना में पंजीयन कराया गया, वहीं 7 ग्रामीणों ने वेंडर का चयन भी किया। इसके अतिरिक्त अनेक ग्रामीणों ने निकट भविष्य में पंजीयन कराने का आश्वासन दिया। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के दिशा-निर्देशानुसार जिले में योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक पात्र परिवारों को योजना से जोड़ा जाए, ताकि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिले, बिजली बिल में बचत हो तथा आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती मिले।
आंगनबाड़ी सहायिका के लिए आवेदन 29 दिसंबर तक
एकीकृत बाल विकास परियोजना धमतरी के तहत धमतरी शहर के औद्योगिक वार्ड के आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक 01 में रिक्त सहायिका (मानसेवी) पद पर नियुक्ति के लिए आगामी 29 दिसंबर तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आवेदन पत्र कलेक्टोरेट कार्यालय के पीछे स्थित एकीकृत बाल विकास परियोजना, धमतरी शहरी में जमा किया जा सकता है।
परियोजना अधिकारी ने बताया कि सहायिका पद के लिए आवेदिका को आठवीं कक्षा उत्तीर्ण और आयु 18 से 44 वर्ष तक होना अनिवार्य है। यदि आठवीं उत्तीर्ण की अंकसूची में ग्रेडिंग ए, बी, सी, डी, मे है तो संबंधित शैक्षणिक संस्थान से प्राप्तांक/पूर्णांक एवं प्रतिशत स्पष्टतः निकलवाकर प्रमाण पत्र संलग्न करना अनिवार्य है। इसके साथ ही आवेदिका उसी वार्ड की स्थानीय निवासी होना चाहिए। उन्होंने बताया कि नियत तिथि के बाद प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
सक्षम प्रोजेक्ट के तहत नगरी में दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भरता का प्रशिक्षण
छत्तीसगढ़ रजत जयंती महोत्सव 2025 के अंतर्गत दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल की गई। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देशन एवं दिव्यांग प्रेरणा जनकल्याण समिति, जिला धमतरी के सहयोग से नगरी विकासखंड के दिव्यांगजनों हेतु “सक्षम प्रोजेक्ट” के अंतर्गत रविवार को विशेष कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण बालाजी दिव्यांग स्कूल, देउरपारा (नगरी) में संपन्न हुआ, जहाँ दिव्यांग प्रतिभागियों को स्वरोजगार से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान डॉ. पोषण सिन्हा द्वारा गोबर से निर्मित धूपबत्ती, समरानी कप, हवन कुंड, शुभ-लाभ प्रतीक, गोबर के दीये जैसे पर्यावरण अनुकूल उत्पादों का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। वहीं पत्तल-दोना निर्माण का प्रशिक्षण भोलाराम साहू एवं रामेश्वरी साहू द्वारा दिया गया।
डॉ. कल्पना ध्रुव री एवं उप संचालक समाज कल्याण डॉ. मनीषा पाण्डेय ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उन्हें सम्मानजनक आजीविका से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांगजनों में आत्मविश्वास विकसित कर उन्हें स्वावलंबन की ओर अग्रसर करना रहा, जिसे प्रतिभागियों द्वारा सराहा गया।
उपभोक्ता जागरूकता से सशक्त हुआ ग्राम गंगरेल
धमतरी जिले के ग्राम गंगरेल में आज सोमवार को उपभोक्ता जागरूकता शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य ग्रामीण नागरिकों को उपभोक्ता अधिकारों, कानूनों एवं आधुनिक डिजिटल माध्यमों की जानकारी देकर उन्हें जागरूक और सशक्त बनाना रहा। शिविर में जिला उपभोक्ता आयोग, धमतरी के अध्यक्ष गोपाल रंजन पाणिग्राही एवं सदस्य अरविन्द सिंह परिहार मुख्य रूप से उपस्थित रहे। साथ ही ग्राम गंगरेल की सरपंच शीला सविता, उपसरपंच अजय मेहता, सचिव डोमेन्द्र सिन्हा, पंचगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्य द्वारा उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के महत्वपूर्ण प्रावधानों की सरल एवं व्यावहारिक जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि प्रत्येक उपभोक्ता को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहना चाहिए तथा किसी भी प्रकार की ठगी या अनुचित व्यापार व्यवहार के विरुद्ध निर्भीक होकर शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
ग्रामीणों को ई-जागृति पोर्टल एवं ई-हियरिंग प्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई, जिससे वे घर बैठे ही अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कर सकें और डिजिटल माध्यम से सुनवाई का लाभ उठा सकें। साथ ही यह भी बताया गया कि किसी भी वस्तु की खरीद के समय उसकी अवसान तिथि, अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) एवं गुणवत्ता की जांच अवश्य करें तथा पक्का बिल प्राप्त करना न भूलें।
जिला उपभोक्ता आयोग के सदस्य अरविन्द सिंह परिहार ने डिजिटल उपभोक्ता सेवाओं को समय और संसाधन की बचत करने वाला बताया और ग्रामीणों से अधिक से अधिक संख्या में इन सुविधाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में जिला उपभोक्ता आयोग, धमतरी के कर्मचारी सतीश मेनन एवं नवीन जायसवाल भी उपस्थित रहे। अंत में ग्राम गंगरेल की सरपंच शीला सविता ने अतिथियों एवं उपस्थित ग्रामीणजनों का आभार व्यक्त करते हुए इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों को ग्रामीण क्षेत्र के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
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