पापा ही एक सहारा थे, पहले अपनी मां को खो चुकी थी नगरी की हिमांशी, अनुकंपा नियुक्ति पर सचिव बनी
धमतरी। जीवन में कुछ परिस्थितियां ऐसी होती हैं, जो उम्र से पहले ही इंसान को जिम्मेदार बना देती हैं। माता-पिता का साया बचपन में ही उठ जाने के बाद कु. हिमांशी देवी ने भी ऐसे ही कठिन दौर का सामना किया। मुश्किलों के बीच अपने छोटे भाई युवराज का सहारा बनी हिमांशी के जीवन में…