हुनर से आत्मनिर्भरता की नई पहचान, धान-चावल से बनी राखियों ने बटोरी सराहना
रायपुर। आत्मनिर्भरता तब और सार्थक हो जाती है, जब हुनर के साथ स्थानीय संसाधनों को भी नई पहचान मिले। कोरबा जिले की महिला स्वसहायता समूह की दीदियां अपने परिश्रम, रचनात्मकता और नवाचार से इसी सोच को साकार कर रही हैं। बेला कछार, दोन्द्रों पंचायत का प्रसन्न स्वसहायता समूह इसका प्रेरक उदाहरण है, जहां महिलाओं ने…