नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बीच आज दिल्ली में हुई मुलाकात ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में चल रही तमाम चर्चाओं पर विराम लगा दिया. करीब 8 महीने बाद हुई इस आमने-सामने की बैठक को सीएम धामी के लिए दिल्ली से मिले ‘मजबूत समर्थन’ के तौर पर देखा जा रहा है।
पीएम मोदी और सीएम धामी की मुलाकात से आगामी चुनावों से पहले रणनीतिक तालमेल और समर्थन स्पष्ट दिख रहा है। राजनीतिक अनिश्चितता के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक ने नेतृत्व को लेकर उठ रहे सवालों पर विराम लगा दिया है। पिछले कुछ समय से राज्य में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर जो कयास लगाए जा रहे थे, प्रधानमंत्री के साथ इस लंबी चर्चा ने उन पर विराम लगा दिया है. हाल ही में पीएम मोदी ने सीएम धामी को उनके 4 साल के सफल कार्यकाल के लिए बधाई देकर पहले ही सकारात्मक संकेत दे दिए थे.
इससे पहले सीएम धामी से पीएम मोदी और अमित शाह की नाराजगी की खबरों के साथ नेतृत्व के बदलने की चर्चाएं चरम पर थीं। हालांकि, पिछले दो महीनों में 2 बार गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह उत्तराखंड में जन सभा कर चुके हैं।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी जल्द ही उत्तराखंड का दौरा कर सकते हैं. इस दौरे के केंद्र में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन होगा, जो दोनों शहरों के बीच की दूरी को मात्र 2.5 घंटे कर देगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के साथ ही प्रधानमंत्री देहरादून में एक विशाल जनसभा को भी संबोधित कर सकते हैं, जिसे 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी के शंखनाद के रूप में देखा जा रहा है।
गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के हालिया दौरों के बाद अब प्रधानमंत्री से इस मुलाकात ने यह साफ कर दिया है कि धामी को आलाकमान का पूरा भरोसा हासिल है।