कवर्धा। वन मंडल कवर्धा के ग्राम सिंघनपुरी में गुरुवार सुबह खेतों के बीच मार्ग के समीप तेंदुआ दिखाई देने से इलाके में हड़कंप मच गया। तेंदुए की मौजूदगी की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम तत्काल मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को सुरक्षित करते हुए रेस्क्यू अभियान शुरू किया। वन मंडल अधिकारी के मार्गदर्शन में उप वन मंडल अधिकारी कवर्धा, परिक्षेत्र अधिकारी कवर्धा एवं भोरमदेव अभयारण्य, थाना प्रभारी कवर्धा एवं राजनवागांव सहित वन एवं पुलिस विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर क्षेत्र की घेराबंदी की। इस दौरान ग्रामीणों को तेंदुए से दूरी बनाए रखने की समझाइश दी गई और भीड़ को नियंत्रित किया गया।
रायपुर से बुलाई गई विशेषज्ञ टीम
तेंदुए को सुरक्षित पकड़ने के लिए रायपुर से विशेषज्ञों और वन्यप्राणी चिकित्सकों की टीम को बुलाया गया। विशेषज्ञों ने मौके की स्थिति का आकलन करने के बाद सावधानीपूर्वक रेस्क्यू की कार्रवाई शुरू की। दोपहर 1:42 बजे ट्रैंक्विलाइजर डार्ट की सहायता से तेंदुए को सफलतापूर्वक नियंत्रित कर सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया।
करीब 8 साल का है तेंदुआ
रेस्क्यू किए गए तेंदुए की प्रारंभिक जांच में उसकी उम्र करीब 8 वर्ष आंकी गई है। वन्यप्राणी चिकित्सकों ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण करने के साथ आवश्यक उपचार भी किया। इसके बाद तेंदुए को आगामी उपचार और निगरानी के लिए भोरमदेव वन्यजीव अभयारण्य ले जाया गया है। वन विभाग के अनुसार, पूर्ण रूप से स्वस्थ पाए जाने के बाद उसे नियमानुसार उसके सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा।
वन विभाग की लोगों से अपील
वन विभाग ने रेस्क्यू अभियान में ग्रामीणों के सहयोग की सराहना की है। साथ ही अपील की है कि किसी भी वन्यप्राणी के दिखाई देने पर उसके करीब न जाएं और न ही बड़ी संख्या में भीड़ जुटाएं। वन्यप्राणी की सूचना तत्काल वन विभाग या पुलिस को दें। वन विभाग ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए विभाग लगातार आवश्यक कदम उठा रहा है।