गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिले ने राजस्व प्रकरणों के निराकरण में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। जिले के राजस्व न्यायालयों में लोक अदालत के लिए 2 लाख 53 हजार 365 प्रकरण रखे गए थे, जिनमें से 2 लाख 52 हजार 967 मामलों का निराकरण किया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकृति के राजस्व मामलों को पक्षकारों की सहमति, आपसी सुलह और सरल प्रक्रिया के माध्यम से निपटाया गया। इससे लंबे समय से लंबित मामलों के निराकरण के साथ आम नागरिकों को भी राहत मिली। लोक अदालत में खातेदारों के आपसी बंटवारे से जुड़े 23 मामलों में से 22 का निराकरण हुआ। वारिसों के बीच बंटवारे के 19 में से 18 और कब्जे के आधार पर बंटवारे के 7 में से 6 प्रकरणों का समाधान किया गया।
धारा 145 की कार्यवाही से संबंधित सभी 10 प्रकरणों का निराकरण किया गया। वहीं रेंट कंट्रोल एक्ट का एक मामला भी पूरी तरह निपटाया गया। विक्रय पत्र, दानपत्र और वसीयतनामा के आधार पर नामांतरण के 73 में से 72 प्रकरणों का निराकरण हुआ। आंकड़ों के अनुसार अन्य प्रकृति के 2,152 प्रकरणों में से 2,139 मामलों का निराकरण किया गया। इसके अलावा अन्य विभागों से जुड़े 2 लाख 51 हजार 80 प्रकरण लोक अदालत में रखे गए थे, जिनमें से 2 लाख 50 हजार 699 मामलों का समाधान किया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से हुए इस बड़े पैमाने के निराकरण से राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम हुआ है। साथ ही पक्षकारों को आपसी सहमति से त्वरित और सरल समाधान मिला, जिससे उनके समय और संसाधनों की भी बचत हुई।