जशपुर। पुलिस विभाग ने अपने दिवंगत कर्मचारी के परिवार के प्रति संवेदनशीलता की मिसाल पेश की है। एसडीओपी कार्यालय जशपुर में पदस्थ रहे आरक्षक स्व. देव नारायण सिंह के निधन के बाद उनके पुत्र बोनी प्रसाद सिंह को आरक्षक के पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी गई है। खास बात यह रही कि 23 सितंबर 2026 को दिवंगत आरक्षक की तेरहवीं के दिन डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह स्वयं उनके गृह ग्राम पहुंचे और उनके पुत्र को नियुक्ति पत्र सौंपा।
पुलिस के अनुसार, आरक्षक देव नारायण सिंह की तबीयत खराब होने पर उन्हें उपचार के लिए रायपुर के बालाजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान 11 सितंबर 2026 को उनका निधन हो गया। वे वर्ष 2007 में जिला पुलिस बल जशपुर में आरक्षक के पद पर नियुक्त हुए थे।
कई स्थानों पर दी सेवाएं
अपने सेवाकाल के दौरान स्व. देव नारायण सिंह ने रक्षित केंद्र जशपुर, थाना सन्ना, सिटी कोतवाली जशपुर, एसडीओपी कार्यालय कुनकुरी और एसडीओपी कार्यालय जशपुर में सेवाएं दी थीं। उनके निधन की जानकारी मिलने के बाद डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने परिवार की स्थिति और भविष्य को देखते हुए अनुकंपा नियुक्ति की विभागीय प्रक्रिया को प्राथमिकता के साथ तेजी से पूरा कराने के निर्देश दिए।
तेरहवीं के दिन घर पहुंचकर सौंपा नियुक्ति पत्र
23 सितंबर को दिवंगत आरक्षक की तेरहवीं के अवसर पर पुलिस कप्तान स्वयं उनके गृह ग्राम पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इसके बाद स्व. देव नारायण सिंह के पुत्र बोनी प्रसाद सिंह को आरक्षक पद पर अनुकंपा नियुक्ति का नियुक्ति पत्र प्रदान किया।
इस दौरान डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि पुलिस विभाग में सेवा देने वाला प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी जशपुर पुलिस परिवार का अभिन्न हिस्सा है। किसी कर्मचारी के असमय निधन से परिवार के सामने आने वाली कठिनाइयों को समझते हुए पुलिस परिवार उनके साथ खड़ा है। उन्होंने शोकाकुल परिवार को भरोसा दिलाया कि कठिन समय में पुलिस परिवार उनके साथ है और भविष्य में किसी आवश्यकता या समस्या की स्थिति में यथासंभव सहयोग एवं सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।