रायगढ़। ट्रांसपोर्ट कंपनी से 32 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहे आरोपी प्रकाश मिश्रा को रायगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने सह आरोपी दीपक शर्मा के साथ मिलकर फर्जी बिल-वाउचर तैयार कर कंपनी से भुगतान कराया था। आरोपी ने पुलिस के बढ़ते दबाव के बीच न्यायालय में आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद कोतवाली पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।
वहां से उसे रिमांड पर भेज दिया गया। यह कार्रवाई एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत की गई। मामले में सह आरोपी दीपक शर्मा को पुलिस पहले ही 29 जुलाई 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज चुकी है।
डुप्लीकेट वाउचर से किया गया फर्जीवाड़ा
पुलिस के मुताबिक, श्रीराम ट्रांसपोर्ट, ढिमरापुर चौक के संचालक कमल किशोर शाह ने 24 मार्च 2026 को कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि कंपनी में काम करने वाले प्रकाश मिश्रा और दीपक शर्मा ट्रांसपोर्ट वाहनों के बिल-वाउचर तैयार कर भुगतान के लिए प्रस्तुत करते थे। कंपनी की जांच में एक ही क्रमांक के कई वाउचर सामने आए। जांच में सितंबर 2025 से फर्जी बिल-वाउचर तैयार कर अलग-अलग वाहनों के नाम पर भुगतान कराने की बात सामने आई। पुलिस के अनुसार, इस तरह कंपनी से 32 लाख रुपये की राशि निकाली गई।
जांच में दोपहिया और निजी वाहनों के नंबर मिले
विवेचना के दौरान पुलिस ने बिल-वाउचरों में दर्ज वाहन नंबरों का क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय से सत्यापन कराया। जांच में कई नंबर दोपहिया और छोटे निजी वाहनों के पाए गए। संबंधित वाहन मालिकों से पूछताछ में उन्होंने श्रीराम ट्रांसपोर्ट के लिए कोई परिवहन कार्य नहीं करने की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, इससे फर्जी वाहन नंबरों के आधार पर बिल-वाउचर तैयार कर भुगतान लेने की बात सामने आई।
बैंक खातों और डिजिटल माध्यम से रकम का लेनदेन
पुलिस के अनुसार, सह आरोपी दीपक शर्मा ने पूछताछ में बताया कि वह प्रकाश मिश्रा के साथ मिलकर फर्जी बिल-वाउचर तैयार करता था। रकम अलग-अलग बैंक खातों में भेजी जाती थी। खाताधारक कमीशन काटने के बाद शेष रकम आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खातों, क्यूआर कोड और फोन-पे नंबरों पर ट्रांसफर करते थे। पूछताछ में दीपक शर्मा ने करीब 32 लाख रुपये की धोखाधड़ी में से लगभग 15 लाख रुपये स्वयं रखने और 16-17 लाख रुपये प्रकाश मिश्रा को देने की जानकारी पुलिस को दी थी।
डिजिटल लेनदेन की भी जांच जारी
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार प्रकाश मिश्रा ने फर्जी बिल-वाउचर तैयार करने और धोखाधड़ी की रकम को PayTM सहित डिजिटल माध्यमों से प्राप्त करने के संबंध में जानकारी दी है। मामले में इस्तेमाल बैंक खातों, डिजिटल लेनदेन और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच जारी है। इस कार्रवाई में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक अमित सिंह, उप निरीक्षक ऐनु देवांगन और एएसआई कोसो सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि आर्थिक धोखाधड़ी और वित्तीय अपराधों में शामिल आरोपियों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।