दुर्ग। साइबर ठगी के मामलों की जांच के दौरान दुर्ग पुलिस ने साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले 14 खाताधारकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार, इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेन-देन में किया जा रहा था।
पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना छावनी, थाना नेवई और एसीसीयू की टीम ने बैंक खातों की तकनीकी जांच और लेन-देन का विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि कुछ खाताधारकों ने कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड दूसरे लोगों को उपलब्ध कराए थे।
पुलिस के मुताबिक, कुछ खाताधारकों ने करीब 2 हजार से 15 हजार रुपये तक के कमीशन या प्रतिफल के बदले अपने बैंक खाते उपलब्ध कराए थे। इन खातों में साइबर ठगी से प्राप्त करोड़ों रुपये से अधिक की संदिग्ध राशि के लेन-देन की जानकारी सामने आई है।


तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों के विश्लेषण और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर थाना नेवई में 11 और थाना छावनी में 3 खाताधारकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार, आरोपियों द्वारा अपने या अन्य लोगों के बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज और साधन एजेंटों अथवा अन्य व्यक्तियों के माध्यम से साइबर अपराधियों तक पहुंचाए जाते थे। इसके बाद इन खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में भेजने और उसका लेन-देन करने के लिए किया जाता था।
इस मामले में थाना छावनी में अपराध क्रमांक 626/2026 तथा थाना नेवई में अपराध क्रमांक 306/2026 दर्ज है। दोनों मामलों में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
इन 14 लोगों पर हुई कार्रवाई
थाना नेवई : कार्तिक बाग, बबलू शाह, बलवंत सिंह, समीर साहनी, चन्द्रप्रकाश पाठक, यतेन्द्र धनकर, गुरजीत सिंह रंधावा, राकेश सेन, राकेश देवांगन, फैजल खान और रीता कुमारी।
थाना छावनी : रवि भारती, रविन्द्र साहू और सुजी