पान खाने रुका कपड़ा कारोबारी, पलक झपकते ही बैग से गायब हुआ 53 लाख कैश, दो आरोपी गिरफ्तार

रायपुर। राजधानी रायपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में कटोरा तालाब स्थित संत कंवर राम चौक के पास कपड़ा कारोबारी से 53 लाख रुपये की उठाईगिरी के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और सिविल लाइन थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने मामले में दो आरोपियों मनीष यदु और कमलेश कुशवाहा को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 53 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल की गई पल्सर मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। जब्त संपत्ति की कुल कीमत करीब 54 लाख रुपये बताई गई है।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने से पहले करीब एक सप्ताह तक कपड़ा कारोबारी की रेकी की थी। चोरी की रकम को पुलिस से बचाने के लिए उन्होंने घर में गीजर के अंदर, टीवी के पीछे और बच्चों के खिलौनों में छिपाकर रखा था। आरोपियों के तीन बैंक खातों को भी फ्रीज कराया गया है।

पान खाने रुका कारोबारी, एक्टिवा से गायब हो गया रुपयों से भरा बैग

पुलिस के मुताबिक, शैलेन्द्र नगर निवासी किशोर बलवानी पंडरी कपड़ा मार्केट में रेडीमेड कपड़ों की दुकान संचालित करते हैं। 9 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 11:40 बजे वह अपने घर से दुकान जाने के लिए निकले थे। उनके पास सफेद कपड़े के बैग में नकदी रखी हुई थी, जिसे उन्होंने अपनी एक्टिवा के सामने वाले पायदान पर रखा था।

करीब 11:45 बजे वह कटोरा तालाब स्थित संत कंवर राम चौक के पास अप्पू पान ठेला के सामने अपनी एक्टिवा खड़ी कर पान खाने चले गए। कुछ देर बाद वापस लौटे तो एक्टिवा के सामने रखा नकदी से भरा सफेद कपड़े का बैग गायब था। इसके बाद उन्होंने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 535/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

हजारों सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपियों तक पहुंची पुलिस

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (सेंट्रल जोन) तारकेश्वर पटेल की मॉनिटरिंग में संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और संदिग्धों की गतिविधियों का तकनीकी विश्लेषण किया।

जांच के दौरान बिना नंबर की पल्सर मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध दिखाई दिए। पुलिस टीम ने उनके भागने के संभावित रास्तों पर लगे हजारों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का क्रमवार विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि आरोपी पहचान छिपाने के लिए बार-बार कपड़े बदल रहे थे और ऐसे रास्तों का इस्तेमाल कर रहे थे, जहां सीसीटीवी कैमरों की निगरानी कम थी।

तकनीकी साक्ष्यों और अन्य जानकारियों के आधार पर पुलिस ने मनीष यदु और कमलेश कुशवाहा की पहचान कर दोनों को पकड़ लिया। पूछताछ में दोनों ने कारोबारी की एक्टिवा से नकदी से भरा बैग चोरी करने की वारदात स्वीकार की।

एक सप्ताह तक की रेकी, घर से दुकान जाने के दौरान बनाया निशाना

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे पिछले एक सप्ताह से कारोबारी की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। उन्हें कारोबारी के घर से दुकान आने-जाने के समय और उसकी दिनचर्या की जानकारी थी। 9 अक्टूबर को कारोबारी के घर से निकलते ही दोनों ने उसका पीछा किया और कटोरा तालाब स्थित संत कंवर राम चौक के पास मौका पाकर एक्टिवा के सामने रखे बैग को पार कर दिया।

वारदात के बाद आरोपियों ने नकदी को अपने घर में अलग-अलग जगहों पर छिपा दिया। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर 53 लाख रुपये नकद बरामद किए। चोरी की रकम का कुछ हिस्सा आरोपियों ने अपने तीन बैंक खातों में जमा कराया था, जिन्हें फ्रीज कराया गया है। वारदात में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।

दोनों आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी मनीष यदु के खिलाफ सिविल लाइन थाने में मारपीट और जुआ एक्ट के मामले दर्ज रहे हैं। वह इन मामलों में जेल भी जा चुका है। वर्ष 2012 में उसके खिलाफ आजाद चौक थाने में नकदी लूट की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने के मामले में भी कार्रवाई की गई थी।

वहीं, दूसरे आरोपी कमलेश कुशवाहा को भी पूर्व में सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मारपीट संबंधी मामले में गिरफ्तार किया गया था और वह जेल में निरुद्ध रह चुका है।

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