बरेली की लेडी सिंघम और संभल के सख्त एसपी की जोड़ी, यूपी के दो IPS की लव स्टोरी, दोनों हैं सीएम योगी के खास

The pairing of Bareilly's Lady Singham and Sambhal's tough SP, a love story of two UP IPS officers, both of whom are close to CM Yogi. The pairing of Bareilly's Lady Singham and Sambhal's tough SP, a love story of two UP IPS officers, both of whom are close to CM Yogi.

उत्तरप्रदेश। गोरखपुर में ड्यूटी के दौरान शुरू हुई दो आईपीएस अधिकारियों की दोस्ती अब शादी तक पहुंच गई है. बरेली की लेडी सिंघम कहे जाने वाली आईपीएस अंशिका वर्मा और संभल के सख्त एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई 29 मार्च को जोधपुर में सात फेरे लेंगे. गोरखपुर में तैनाती के दौरान दोनों की मुलाकात हुई थी. अपराधियों पर सख्त कार्रवाई के लिए पहचाने जाने वाले ये दोनों अधिकारी अब जीवन की नई पारी साथ शुरू करने जा रहे हैं.

यूपी पुलिस सेवा में इन दिनों एक IPS जोड़ी सबसे ज्यादा चर्चा में है. वजह सिर्फ प्रदेश के तेजतर्रार पुलिस अधिकारियों में शामिल होना नहीं है बल्कि उनकी प्रेम कहानी है, जो अब सात जन्मों के बंधन में बंधने जा रही है. जी हां, एक ओर बरेली में महिला सुरक्षा और अपराध नियंत्रण को लेकर लेडी सिंघम की छवि बना चुकी आईपीएस अंशिका वर्मा हैं, तो दूसरी ओर संभल में कानून व्यवस्था को लेकर कड़े फैसले लेने वाले एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई हैं. दोनों 29 मार्च को राजस्थान के जोधपुर में सात फेरे लेने वाले हैं.

लेडी सिंघम के नाम से चर्चित हैं अंशिका वर्मा

बरेली में एसपी साउथ के पद पर तैनात आईपीएस अंशिका वर्मा को अक्सर उनकी सख्त कार्यशैली के कारण लेडी सिंघम ककहा जाता है. मूल रूप से प्रयागराज की रहने वाली अंशिका वर्मा ने अपनी शुरुआती पढ़ाई वहीं से पूरी की. इसके बाद सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल कर भारतीय पुलिस सेवा में शामिल हुईं. बरेली में तैनाती के दौरान उन्होंने कई संवेदनशील मामलों में तेजी से कार्रवाई की. हत्या, एनडीपीएस और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में पुलिस टीमों के साथ मिलकर कम समय में कई खुलासे किए.

उनकी कार्यशैली का असर यह रहा कि कई मामलों में पुलिस को त्वरित सफलता मिली और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई. आईपीएस अंशिका वर्मा उस समय सबसे ज्यादा सुर्खियों में आईं जब उन्होंने महिला सुरक्षा के लिए एक नई पहल शुरू की. वर्ष 2025 में बरेली में उन्होंने वीरांगना यूनिट का गठन कराया. यह उत्तर प्रदेश की पहली ऐसी यूनिट मानी जाती है जिसमें विशेष रूप से प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया.

इस यूनिट की महिला कमांडो को ताइक्वांडो, आत्मरक्षा और दंगा नियंत्रण जैसी ट्रेनिंग दी गई ताकि वे संवेदनशील मामलों में तुरंत कार्रवाई कर सकें. महिला सशक्तिकरण की दिशा में इस पहल को महत्वपूर्ण कदम माना गया और इसके लिए उन्हें राज्य सरकार की ओर से सम्मानित भी किया गया.

दूसरी ओर संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई भी अपनी सख्त प्रशासनिक कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं. वर्ष 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी बिश्नोई मूल रूप से राजस्थान के बाड़मेर जिले के रहने वाले हैं. सिविल सेवा परीक्षा पास करने के बाद उन्हें उत्तर प्रदेश कैडर मिला. वर्ष 2024 में उन्हें गोरखपुर से संभल जिले में पुलिस अधीक्षक के रूप में तैनात किया गया. संभल पहुंचने के बाद उन्होंने कानून व्यवस्था को लेकर कई सख्त फैसले लिए और प्रशासन के साथ मिलकर जिले में व्यवस्था मजबूत करने के प्रयास किए।

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