15 साल से ठगी कर रही थी दो महिलाएं, रायपुर पुलिस ने दोनों को किया गिरफ्तार

रायपुर। एक करोड़ की ठगी मामले में दो महिलाएं गिरफ्तार हुई हैं। पीड़ित उमेश कुमार सिन्हा ने तेलीबांधा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराया कि वह सालिक ग्रीन रिन्यूएबल एनर्जी प्रा. लि. का डायरेक्टर हैं। वर्ष 2026 में कंपनी के विस्तार एवं नए प्लांट की स्थापना हेतु लगभग 45 करोड रूपये के निवेश की आवश्यकता होने पर उसकी मुलाकात राकेश कौशिक के माध्यम से दीपक सिंह, अभिषेक सिंह, योगी एवं अन्य व्यक्तियों से हुई।

आरोपियों ने स्वयं को प्रभावशाली व्यक्तियों से जुड़ा बताते हुए कंपनी के लिए निवेश एवं फंड उपलब्ध कराने का विश्वास दिलाया। आरोपियों ने आपसी षड्यंत्र के तहत बड़े अधिकारियों से बैठक, फाइल प्रोसेसिंग, सुरक्षा स्वीकृति, विदेशी परीक्षण, हाई-पावर केमिकल, केमिकल परीक्षण तथा अन्य आवश्यक औपचारिकताओं के नाम पर प्रार्थी को अपने विश्वास में लिया। विश्वास बनाए रखने के उद्देश्य से उसे चेन्नई एवं नागपुर बुलाया गया, जहां नकली केमिकल, काले नोटों को असली नोटों में परिवर्तित करने का झूठा प्रदर्शन, कथित विदेशी तकनीक, बड़े अधिकारियों के साथ बैठकें तथा फंड रिलीज से संबंधित मनगढ़ंत कहानियां दिखाकर यह विश्वास दिलाया गया कि निवेश की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण हो जाएगी। इसके पश्चात कभी विदेशी परीक्षण, कभी हाई-पावर केमिकल, कभी वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति तो कभी अन्य आवश्यक औपचारिकताओं का बहाना बनाकर लगातार अतिरिक्त धनराशि की मांग की जाती रही तथा झूठे आश्वासनों एवं नकली प्रक्रियाओं के माध्यम से प्रार्थी को भ्रमित कर प्रार्थी से विभिन्न किश्तों में कुल 1,13,00,000/- (एक करोड़ तेरह लाख रुपये) की धोखाधड़ी पूर्वक राशि प्राप्त कर हड़प ली। प्रार्थी की रिपोर्ट पर आरोपियों के विरूद्ध थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमांक 330/26 धारा 318(4), 61(2) बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध किया गया। उक्त घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला तथा पुलिस उपायुक्त (मध्य जोन) तारकेश्वर पटेल द्वारा अधीनस्थ अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को अज्ञात आरोपियों की शीघ्र पहचान कर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एण्टी क्राइम एण्ड साइबर यूनिट एवं थाना तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम का गठन किया गया। टीम द्वारा प्रकरण के संबंध में प्रार्थी से विस्तृत पूछताछ कर घटना के प्रत्येक पहलू का सूक्ष्मता से परीक्षण किया गया। साथ ही आरोपियों द्वारा प्रार्थी से संपर्क करने में प्रयुक्त मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया गया तथा जिन बैंक खातों में प्रार्थी द्वारा धनराशि हस्तांतरित की गई थी, उनके संबंध में विस्तृत जानकारी एकत्र कर वित्तीय लेन-देन का विश्लेषण किया गया। मोबाइल नंबरों, बैंक खातों, डिजिटल साक्ष्यों एवं अन्य तकनीकी तथ्यों के निरंतर विश्लेषण के दौरान घटना में संलिप्त दो महिला आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की गई तथा उनको महाराष्ट्र के नागपुर में लोकेट किया गया।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार पुलिस टीम को तत्काल नागपुर (महाराष्ट्र) रवाना किया गया। टीम द्वारा स्थानीय स्तर पर लगातार निगरानी, पतासाजी एवं तकनीकी इनपुट के आधार पर कार्यवाही करते हुए दोनों महिला आरोपियों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर प्रार्थी को निवेश दिलाने का झूठा आश्वासन देकर सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी करना स्वीकार किया।

प्रारंभिक जांच एवं पूछताछ में यह तथ्य भी सामने आया है कि आरोपी अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर महाराष्ट्र के नागपुर, उत्तर प्रदेश के लखनऊ सहित देश के विभिन्न राज्यों में इसी प्रकार निवेश उपलब्ध कराने, फंड रिलीज कराने एवं अन्य झूठे प्रलोभन देकर अनेक व्यक्तियों से धोखाधड़ी कर चुके हैं। आरोपियों की गतिविधियां देश के विभिन्न राज्यों में पाई गई हैं। इस संबंध में संबंधित राज्यों एवं जिलों की पुलिस से समन्वय स्थापित कर आरोपियों के संबंध में जानकारी साझा की जा रही है, ताकि उनके विरुद्ध दर्ज अन्य प्रकरणों एवं आपराधिक गतिविधियों का सत्यापन कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा सके।

दोनों महिला आरोपी को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से प्रकरण से संबंधित 03 नग मोबाईल फोन, नगदी रकम 26,000/- रूपये, एटीएम कार्ड एवं आधार कार्ड कीमती लगभग 70,000/- रूपये जप्त कर आरोपियों के विरूद्ध अग्रिम कार्यवाही की जा रहीं है। प्रकरण में संलिप्त अन्य फरार आरोपियों की पहचान, भूमिका एवं आपराधिक नेटवर्क के संबंध में विस्तृत जांच जारी है। उनकी शीघ्र गिरफ्तारी हेतु संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है तथा तकनीकी एवं अन्य माध्यमों से पतासाजी की कार्यवाही निरंतर जारी है।

तरीका-ए-वारदात – आरोपियों द्वारा सुनियोजित षड्यंत्र के तहत स्वयं को प्रभावशाली व्यक्तियों एवं विदेशी निवेशकों से जुड़ा हुआ बताकर प्रार्थी का विश्वास अर्जित किया जाता है। इसके पश्चात कंपनी के लिए बड़े निवेश एवं फंड स्वीकृत कराने का झांसा देते हुए बड़े अधिकारियों से बैठक, फाइल प्रोसेसिंग, सुरक्षा स्वीकृति, विदेशी परीक्षण, हाई-पावर केमिकल एवं अन्य तकनीकी औपचारिकताओं का हवाला दिया जाता है। प्रार्थी का विश्वास बनाए रखने के लिए आरोपियों द्वारा उसे विभिन्न स्थानों पर बुलाकर नकली केमिकल एवं विशेष रासायनिक प्रक्रिया का प्रदर्शन किया जाता है तथा यह झूठा दावा किया जाता है कि काले रंग से ढके नोटों को विशेष केमिकल एवं विदेशी तकनीक की सहायता से असली भारतीय मुद्रा में परिवर्तित किया जा सकता है। आरोपियों द्वारा पहले से तैयार असली नोटों का उपयोग कर नकली रासायनिक प्रक्रिया का प्रदर्शन किया जाता है। वॉश-वॉश (Wash&Wash) ब्लैक मनी स्कैम पद्धति का उपयोग करते हुए विशेष केमिकल, विदेशी तकनीक एवं काले नोटों को असली नोटों में परिवर्तित करने का झूठा प्रदर्शन कर लोगों का विश्वास जीता जाता है, जिससे प्रार्थी उनकी बातों पर विश्वास कर ले। इसके पश्चात आरोपियों द्वारा कभी विदेशी केमिकल मंगाने, कभी हाई-पावर केमिकल खरीदने, कभी विदेशी परीक्षण, कभी वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति, तो कभी फंड रिलीज एवं अन्य आवश्यक औपचारिकताओं का बहाना बनाकर विभिन्न किश्तों में लगातार धनराशि ऐंठी जाती है।

गिरफ्तार आरोपी

कनिज फातमा उर्फ भावना पांडेय पति शुभम पाण्डेय उम्र 24 साल निवासी राजरहाट गोपालपुर थाना न्यू टाउन हथियारा इसानपल्ली कोलकाता

दीपिका पाॅलीवाल पिता उमाशंकर पालीवाल उम्र 24 साल निवासी आनंद विहार माॅली कालोनी उदयपुर राजस्थान।

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