कर्नाटक। तुम्कुरु जिले के सिरा में स्थित कमलानायकनहल्ली तांडा (लंबानी/बंजारा समुदाय की बस्ती) में दो महीने से सिर्फ एक चर्चा फैली हुई थी- 40 साल का राजमिस्त्री रविचंद्रनायक गायब है। परिवार वाले रिश्तेदारों को दिलासा देते रहे कि वह काम के सिलसिले में बाहर गया है और जल्द लौट आएगा। लेकिन वह कभी वापस नहीं आया।
शुरुआत में न कोई FIR थी, न कोई हत्या का मामला और न ही कोई सुराग। सिर्फ एक अनसुनी अफवाह थी, जिससे पुलिस का सामना हुआ। चार साल चली लंबी कानूनी लड़ाई के बाद कोर्ट ने इस खौफनाक हत्याकांड की गुत्थी सुलझाते हुए बड़े भाई को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
सिरा थाना के तत्कालीन पुलिस इंस्पेक्टर पी.बी. हनुमानथप्पा के मुताबिक, लंबानी समुदाय में आमतौर पर लोग आपसी विवाद पुलिस तक नहीं ले जाते। लेकिन रविचंद्रनायक का अपनी पैतृक संपत्ति के बंटवारे में दस्तखत के लिए न पहुंचना और उसकी गैरहाजिरी पर परिवार का अलग-अलग बहाने बनाना शक पैदा कर रहा था।
पुलिस जांच में पता चला कि रविचंद्रनायक की 33 साल की पत्नी सावित्रीबाई और उसके 47 साल के बड़े भाई राजा नाइक के बीच अवैध संबंध थे। जब पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो सावित्रीबाई टूट गई और उसने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, 2 अप्रैल 2022 की रात रविचंद्रनायक शराब के नशे में घर लौटा और पत्नी सावित्रीबाई से अपने बड़े भाई राजा नाइक के साथ उसके संबंधों को लेकर झगड़ा करने लगा। बहस के दौरान राजा नाइक भी वहां पहुंच गया। दोनों भाइयों में मारपीट हुई। सावित्रीबाई ने अपने पति के हाथ-पैर पकड़े और राजा नाइक ने उसके सीने पर पैर रखकर और गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
उस रात घर में मौजूद दो छोटे बच्चों को राजा नाइक ने यह कहकर घर से बाहर सड़क किनारे सोने भेज दिया कि उनका पिता नशे में है और हंगामा करेगा। इसके बाद दोनों ने शव को ठिकाने लगाया।
हत्या के बाद 3 अप्रैल की तड़के, दोनों शव को 500 मीटर दूर राजा नाइक के निर्माणाधीन मकान पर ले गए। मकान निर्माण के लिए वहां पहले से ही 5 फीट गहरा गड्ढा खुदा हुआ था। उन्होंने उसी गड्ढे में शव को दफना दिया।
राजा नाइक ने पहले से ही मिट्टी का ऑर्डर दे रखा था। अगले ही दिन उसने मजदूरों से 40 से 45 ट्रॉली मिट्टी उसी गड्ढे में डंप करवा दी, जिससे शव पूरी तरह दब गया।
2 जून 2022 को तहसीलदार की अनुमति से जब पुलिस ने JCB से खुदाई करवाई और 45 ट्रॉली मिट्टी बाहर निकाली, तो नीचे से मानव कंकाल और अवशेष बरामद हुए। इस पूरी प्रक्रिया की डॉक्टरों की मौजूदगी में वीडियो और फोटोग्राफी कराई गई।
अदालत में मामले को साबित करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती थी, क्योंकि अवशेष बुरी तरह सड़-गल चुके थे। इसके लिए मृतक के बेटे का ब्लड सैंपल FSL भेजा गया। कंकाल से निकाला गया DNA प्रोफाइल और बेटे का DNA मैच हो गया, जिससे वैज्ञानिक रूप से पुष्टि हुई कि अवशेष रविचंद्रनायक के ही थे।
बच्चों की गवाही भी इस मामले में अहम साबित हुई। बच्चों ने देखा था कि उनके पिता उस रात घर पर थे और अंकल (राजा नाइक) ने उन्हें बाहर सोने भेजा था। मजिस्ट्रेट के सामने सेक्शन 164 CrPC के तहत बच्चों के कलमबद्ध बयान दर्ज कराए गए।
इतना ही नहीं आरोपी राजा नाइक पर 2019 में अपनी पहली पत्नी श्रवंतीबाई की हत्या का भी मुकदमा चला था, जिसमें सबूतों के अभाव में वह बरी हो गया था। इस पुराने मामले को देखते हुए भी पुलिस सावधान थी।
आखिरकार अदालत में अभियोजन पक्ष ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट, 164 के बयान, FSL की DNA रिपोर्ट और 12 अहम साक्ष्य पेश किए, जिसके आधार पर कोर्ट ने आरोपी को हत्या और साक्ष्य छिपाने का दोषी ठहराया।