रायगढ़। इंस्टाग्राम के जरिए नाबालिग से दोस्ती कर शादी का झांसा देकर उसे घर से ले जाने के मामले में चक्रधरनगर पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने नाबालिग बालिका को सकुशल दस्तयाब कर आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद रिमांड पर भेज दिया है।
यह कार्रवाई महिलाओं और बच्चों से संबंधित संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई के लिए चलाए जा रहे “अभियान संवेदना” के तहत की गई। पुलिस के अनुसार, 17 मार्च 2025 को नाबालिग के परिजनों ने थाना चक्रधरनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी 17 वर्षीय बेटी 25 जनवरी 2025 को घर से बिना बताए कहीं चली गई है।
जांच के दौरान पता चला कि नाबालिग की पहचान इंस्टाग्राम के माध्यम से दिलेश्वर चौहान नामक युवक से हुई थी। दोनों के बीच सोशल मीडिया पर बातचीत होती थी। पुलिस के मुताबिक, 25 जनवरी को युवक ने बालिका को मिलने के लिए रायगढ़ के केवड़ाबाड़ी बस स्टैंड बुलाया और शादी का झांसा देकर अपने साथ ले गया।
बताया गया कि आरोपी बालिका को रायगढ़ से बस के जरिए बिहार ले गया, जहां उसके माता-पिता ईंट भट्ठे में काम करते थे। करीब 6-7 महीने बाद दोनों बिहार से सारंगढ़ क्षेत्र में आए। इसके बाद आरोपी मजदूरी के लिए ओडिशा चला गया और बालिका भी उसके साथ रहने लगी।चक्रधरनगर पुलिस ने 29 अगस्त 2026 को बालिका को जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ से सकुशल बरामद किया। प्रशिक्षु उप निरीक्षक मनीषा ध्रुव के हमराह पुलिस टीम बालिका को सुरक्षित रायगढ़ लेकर आई।
पुलिस के अनुसार, बालिका के बयान और मेडिकल जांच के आधार पर मामले में धारा 87, 65(1) बीएनएस एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 6 जोड़ी गई। विवेचना में सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपी दिलेश्वर चौहान निवासी थाना कोसीर, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे रिमांड पर भेज दिया गया।