रायपुर। IAS अधिकारी अवनीश शरण ने आज बाबा नीम करोली के जीवन पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ देखी। फिल्म देखने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए फिल्म की जमकर सराहना की।
अवनीश शरण ने कहा कि फिल्म देखते हुए ऐसा लगा, मानो वे खुद बाबा नीम करोली के साथ उनकी दुनिया में पहुंच गए हों। उन्होंने कहा कि फिल्म का एक-एक दृश्य गूसबंप्स देने वाला है।
उन्होंने अपने ट्विटर पोस्ट में लिखा कि बहुत समय बाद ऐसी कालजयी फिल्म बनी है, जो इतने गंभीर विषय को बेहद सहजता और सरलता के साथ दर्शकों के सामने प्रस्तुत करती है।
IAS अवनीश शरण ने लोगों से फिल्म देखने की अपील करते हुए कहा कि यह फिल्म जरूर देखिए। उनकी इस प्रतिक्रिया के बाद फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा भी तेज हो गई है।

क्या है इस फिल्म में
इस फिल्म का मूल संदेश यही है कि ईश्वर की भक्ति केवल पूजा तक सीमित नहीं, बल्कि लोगों की सेवा, प्रेम और जरूरतमंदों की मदद में भी है। इसी वजह से इसे देखने वाले कई दर्शक इसे सिर्फ धार्मिक फिल्म नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और भावनात्मक अनुभव के रूप में बता रहे हैं।
एक ऐसे बालक की कहानी दिखाई जाती है जो अपनी मां को खोने के बाद ईश्वर की तलाश में निकलता है।आगे चलकर उसका जीवन नीम करोली बाबा के रूप में आध्यात्मिक परिवर्तन की ओर बढ़ता है।फिल्म में बाबा की हनुमान भक्ति, सेवा, प्रेम और जरूरतमंदों को भोजन कराने जैसे संदेशों को प्रमुखता दी गई है।
कहानी का जोर चमत्कारों से ज्यादा आस्था, सेवा और मानवता के संदेश पर है।यह पूरी तरह डॉक्यूमेंट्री नहीं है; इसे बाबा के जीवन और शिक्षाओं से प्रेरित सिनेमाई कहानी के रूप में समझना बेहतर है।