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आंगनबाड़ी की पहल से ममता को मिला मातृत्व योजना का लाभ, आर्थिक सहायता से बच्चों के पालन-पोषण को मिला संबल

रायपुर। आंगनबाड़ी केंद्र महिलाओं और बच्चों को पोषण एवं अन्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ पात्र परिवारों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने की महत्वपूर्ण कड़ी बन रहे हैं। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित ‘आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम’ में खालपारा निवासी ममता ने अपनी ‘सेवा की कहानी’ साझा करते हुए बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से मिली जानकारी और सहयोग से वे विभिन्न योजनाओं से जुड़ीं। योजनाओं से मिली आर्थिक सहायता आज उनके बच्चों के पालन-पोषण और उनकी जरूरतों को पूरा करने में मददगार बन रही है।

ममता ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने उन्हें प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की जानकारी देने के साथ आवेदन की पूरी प्रक्रिया समझाई। उनके मार्गदर्शन में ममता ने आवेदन किया, जिसके बाद उन्हें योजना के तहत 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। दूसरी बेटी के जन्म के बाद उन्हें 6 हजार रुपये की सहायता भी मिली।

परिवार की जिम्मेदारियों के बीच योजनाओं से मिली आर्थिक सहायता ममता के लिए उपयोगी साबित हुई। उन्होंने बताया कि प्राप्त राशि का उपयोग बच्चों के पालन-पोषण और उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने में किया गया। इससे परिवार को बच्चों से जुड़ी जरूरतों के लिए आर्थिक संबल मिला।

आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में अपना अनुभव साझा करते हुए ममता ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से उन्हें केवल एक योजना ही नहीं, बल्कि शासन की कई योजनाओं और सेवाओं की जानकारी मिली। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने उन्हें योजनाओं के बारे में बताने के साथ आवेदन की प्रक्रिया में भी सहयोग किया।

ममता ने कहा, “आंगनबाड़ी के माध्यम से हमें कई लाभ मिले हैं। योजनाओं से मिलने वाली राशि बच्चों के पालन-पोषण में काम आ रही है।” उन्होंने योजनाओं का लाभ मिलने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तथा सहयोग करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के प्रति आभार व्यक्त किया।

सेवा संकल्प अभियान के तहत ममता की यह ‘सेवा की कहानी’ बताती है कि सही समय पर जानकारी और आवेदन में सहयोग किस तरह पात्र परिवार तक योजना का लाभ पहुंचा सकता है। आंगनबाड़ी केंद्र महिलाओं एवं बच्चों को सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी घर-घर तक पहुंचाकर पात्र हितग्राहियों को उनसे जोड़ने की प्रभावी कड़ी बन रहे हैं।

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