दुर्ग। वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक रिकेश सेन ने भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) से लोहा चोरी के मामले को लेकर पुलिस विभाग के कुछ अधिकारियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। विधायक ने पुलिस महानिदेशक (DGP) अरुण देव गौतम से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और लोहा चोरी में शामिल लोगों तक पुलिस की पहुंच सुनिश्चित करने की मांग की है। विधायक रिकेश सेन ने सोशल मीडिया पर जारी अपनी पोस्ट में दावा किया कि भिलाई इस्पात संयंत्र से पिछले करीब 40 वर्षों में लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का लोहा चोरी हो चुका है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में जिन वाहनों के जरिए कथित तौर पर लोहा चोरी किए जाने की बात सामने आ रही है, उनमें से 100 से अधिक वाहनों को काटे जाने की जानकारी है। विधायक ने सवाल उठाया कि यदि इन वाहनों का रिकॉर्ड और आरटीओ से संबंधित जानकारी उपलब्ध है, तो पुलिस वाहन मालिकों और कथित परिवहनकर्ताओं तक क्यों नहीं पहुंच रही है।
उन्होंने भिलाई इस्पात संयंत्र के अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जब लोहा चोरी के मामलों में ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ कार्रवाई होती थी, तो उनकी गाड़ियों को कथित रूप से ब्लैकलिस्ट क्यों किया जाता था। विधायक ने यह भी पूछा कि संयंत्र में स्क्रैप के टेंडर और प्लांट से बाहर जाने वाले माल के वजन की निगरानी किस तरह होती थी और CISF की भूमिका क्या रही। रिकेश सेन ने आरोप लगाया कि ट्रांसपोर्ट यूनियन के माध्यम से कथित तौर पर हर महीने बड़ी रकम की वसूली होती है और उसका हिस्सा नेताओं व अधिकारियों तक पहुंचने का दावा किया जाता है। उन्होंने पुलिस से इस पूरे नेटवर्क की जांच करने की मांग की।

IPS अधिकारियों पर लगाया साजिश का आरोप
विधायक ने अपने बयान में रायपुर में पदस्थ कुछ IPS अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका आरोप है कि कुछ अधिकारी भाजपा के खिलाफ माहौल बनाने और साय सरकार को बदनाम करने की रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी मामले में पुलिस कार्रवाई हो रही है तो उसकी निष्पक्षता और उसके पीछे की मंशा की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक मंडल के कोषाध्यक्ष के खिलाफ GST बिल के साथ माल खरीदने के मामले में FIR दर्ज की गई, जबकि उनके अनुसार पुलिस पर प्रभाव डालकर पूरे मामले को लोहा चोरी से जोड़ने की कोशिश की गई। विधायक ने इसे लेकर पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की है।
DGP से बोले—लोहा चोरों तक पहुंचे पुलिस
रिकेश सेन ने DGP अरुण देव गौतम से अपील करते हुए कहा कि पुलिस को लोहा चोरी के पूरे नेटवर्क की तह तक जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंच रहा है तो आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होना जरूरी है।विधायक ने पुलिस से यह भी पता लगाने की मांग की कि कथित तौर पर चोरी किए गए लोहे का इस्तेमाल या बिक्री कहां की जाती है और इस पूरे मामले में कौन-कौन लोग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि लोहा चोरी के मामले में किसी भी राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव के बजाय निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। विधायक के इन आरोपों के बाद भिलाई इस्पात संयंत्र से जुड़े कथित लोहा चोरी के मामलों और पुलिस अधिकारियों की भूमिका को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज होने की संभावना है।
DGP साहब आपकी छवि बहुत साफ सुथरी हैं आप एक ईमानदार ऑफिसर है छत्तीसगढ़ को आप पर गर्व है लेकिन आपकी सरलता से भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार को राष्ट्रीय संपत्ति के नुकसान से बहुत ज्यादा नुकसान हो रहा है आप थोड़ा हिम्मत कीजिए छत्तीसगढ़ की जनता आपके साथ है आपको किसी से डरने की आवश्यकता नहीं है आप ईमानदारी से जिन लोगों ने भी राष्ट्रीय संपत्ति का नुकसान किया है उनके खिलाफ कार्यवाही कीजिए।
आप छत्तीसगढ़ में जिस अपराध की चिंता करते हैं वह भी लोहा चोरी से मामला जुड़ा हुआ है क्योंकि यह वही ट्रांसपोर्टर है जो भिलाई स्टील प्लांट से लोहा चोरी करता है और जेल में बंद खूंखार अपराधियों को वकील लगाकर जमानत करवाता है उन्हें पालता पोषता है। और उन्हीं से ही यह अपराध भी करवाता है आज जितने भी मर्डर बलात्कार चोरी की घटनाएं हुई है वह सब में भी लोहा चोरी करने वाले ट्रांसपोर्टर का हाथ है। छोटा-छोटा विषय भी आप संज्ञान में लेते हैं मैं बहुत आश्चर्यचकित हूं आप जैसा ऑफिसर लोहा चोरी के विषय पर संज्ञान क्यों नहीं ले रहा है।
अभी तक दुर्ग पुलिस ने लोहा चोरी के संबंध में जिन आरोपियों को पकड़ा है और जिस पर पुलिस जांच कर रही है वह एक अलग विषय है असली विषय तक अभी तक आपकी छत्तीसगढ़ पुलिस नहीं पहुंची है। रसमडा की फैक्ट्री में भिलाई इस्पात संयंत्र का चोरी किया हुआ लोहा जाता था।यह भी छत्तीसगढ़ का बच्चा-बच्चा जानता है उसके बाद भी वह फैक्ट्री का मालिक कितना प्रभावशाली है कि उसके ऊपर पुलिस एक FIR भी नहीं लिखती है। मेरा यह पत्र आप संज्ञान में ले! आप अगर मेरी इस विषय को नहीं सुनेंगे तो मेरी उम्मीदें टूट जाएगी।