बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने CISF के सब इंस्पेक्टर कुमार गौरव को सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उनकी एक वेतनवृद्धि रोकने की सजा के साथ अपीलीय और पुनरीक्षण आदेश भी रद्द कर दिए। जस्टिस राकेश मोहन पांडेय ने कहा कि, कर्मचारी ने आरोपों से इनकार किया था, ऐसे में विभाग बिना जांच कराए सजा नहीं दे सकता था। दरअसल कुमार गौरव ने 21 जुलाई 2021 को ट्विटर पर एक महिला के उस पोस्ट पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जो उसने पिता के निधन के बाद की थी।
विभाग के अनुसार टिप्पणी से महिला की भावनाएं आहत हुईं। साथ ही कुमार गौरव पर CISF की वर्दी में अपनी फोटो सोशल मीडिया पर डालकर विभागीय निर्देशों का उल्लंघन करने का आरोप भी लगा था। कुमार गौरव ने आरोपों से पूरी तरह इनकार किया, लेकिन विभाग ने जांच कराए बिना उनकी एक वेतनवृद्धि रोक दी।
हाईकोर्ट ने कहा कि आरोप स्वीकार नहीं किए गए थे, इसलिए विभाग को विधिवत जांच कर साक्ष्य और गवाह पेश करने और कर्मचारी को जिरह का मौका देना जरूरी था। आखिरकार हाईकोर्ट ने 11 सितंबर 2021 का दंड आदेश और उसके आधार पर पारित सभी आदेश निरस्त कर दिए। कोर्ट ने कुमार गौरव की याचिका स्वीकार कर ली। आदेश में सोशल मीडिया पर की गई कथित टिप्पणी के सटीक शब्द दर्ज नहीं हैं।
