रायपुर। ज्वेलरी कारोबारी ने कारीगर पर चोरी का आरोप लगाया था इस मामले में अब खुलासा हो गया है। नंदकिशोर सोनी निवासी नयापारा शंकर चौक थाना गोलबाजार ने रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसकी एल.जी. डाई कटिंग की दुकान है, जहां सोने के आभूषण बनाने हेतु कारीगर राजू को काम पर रखा था। दिनांक 11.01.2026 को प्रार्थी ने राजू को 60 ग्राम कच्चा सोना (06 तोला), कीमत करीब 7,80,000/- रूपये आभूषण बनाने हेतु दिया था, जिसे राजू ने दुकान की कारीगर आलमारी में रखा था।
राजू के अचानक काम पर नहीं आने एवं उसके निवास पर भी नहीं मिलने पर दिनांक 15.01.2026 को आलमारी चेक करने पर उक्त सोना आलमारी में नहीं था। आरोपी राजू उक्त सोना को चोरी कर ले गया था। प्रार्थी की रिपोर्ट पर आरोपी के विरूद्ध थाना गोलबाजार में अपराध क्रमांक 16/26 धारा 306 बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध किया गया था।
लंबित प्रकरणों की समीक्षा के दौरान पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला एवं पुलिस उपायुक्त (मध्य क्षेत्र) तारकेश्वर पटेल द्वारा संपत्ति संबंधी लंबित प्रकरणों की गंभीरता से समीक्षा करते हुए ऐसे प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निकाल करने तथा फरार आरोपियों की पतासाजी कर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश अधीनस्थ अधिकारियों को दिए गए।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट तथा थाना गोलबाजार पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा उक्त प्रकरण में पुनः प्रार्थी से घटना के संबंध में विस्तृत पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान आरोपी के संबंध में प्राप्त महत्वपूर्ण जानकारियों के आधार पर उसकी पतासाजी के लिए टीम द्वारा लगातार प्रयास प्रारंभ किया गया। आरोपी द्वारा घटना के बाद अपना ठिकाना बदलकर फरार हो जाने के कारण तकनीकी विश्लेषण एवं उपलब्ध दस्तावेजों का सूक्ष्मता से विश्लेषण किया गया।संयुक्त टीम द्वारा आरोपी से संबंधित विभिन्न तकनीकी पहलुओं का विश्लेषण करने के साथ-साथ उसके दस्तावेजों एवं प्राप्त जानकारियों का परीक्षण किया गया। तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपी की जोधपुर में लोकेट किया गया। उक्त जानकारी की पुष्टि के पश्चात वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट एवं थाना गोलबाजार पुलिस की संयुक्त टीम को आरोपी की पतासाजी एवं गिरफ्तारी हेतु राजस्थान रवाना किया गया। पुलिस टीम द्वारा राजस्थान के जोधपुर पहुंचकर स्थानीय स्तर पर आरोपी की पतासाजी की गई तथा लगातार प्रयास करते हुए उसके संभावित ठिकानों पर निगरानी रखी गई।
टीम के अथक प्रयासों एवं तकनीकी सहायता से आरोपी राजू डोलाई को चिन्हांकित कर पकड़ने में सफलता प्राप्त हुई। पूछताछ में आरोपी द्वारा प्रकरण में संलिप्तता स्वीकार किए जाने पर उसे गिरफ्तार किया गया।