खेत बेचकर यूनिटी मेटा टोकन में लगाए 11.60 लाख, न मुनाफा मिला न मूल रकम, रायगढ़ में तीन आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़। डिजिटल करेंसी और टोकन में निवेश कर कम समय में भारी मुनाफा कमाने का लालच एक युवक को महंगा पड़ गया। यूनिटी मेटा टोकन और बीड क्वाइन में निवेश के नाम पर ओडिशा निवासी युवक से 11 लाख 60 हजार रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में रायगढ़ साइबर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, पीड़ित ने आरोपियों की बातों में आकर अपना खेत बेच दिया और निवेश की गई रकम गंवा बैठा। उसे न तो कोई मुनाफा मिला और न ही मूल राशि वापस मिली। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

पुलिस ने इस मामले में थाना साइबर, रायगढ़ में अपराध क्रमांक 16/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) एवं 3(5) में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की थी। कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में की गई।

ऐसे निवेश के नाम पर हुई ठगी

पुलिस के मुताबिक, प्रार्थी विक्रम परिडा (26), मूल निवासी जिला गंजाम, ओडिशा और वर्तमान में रायगढ़ के चक्रधरनगर क्षेत्र में रहने वाले युवक ने शिकायत दर्ज कराई थी। वर्ष 2024 में उसकी पहचान गजुला मोहन से हुई थी, जो चक्रधरनगर क्षेत्र की एक फास्ट फूड दुकान में कुक का काम करता था।

आरोप है कि गजुला मोहन ने यूनिटी मेटा टोकन और बीड क्वाइन में निवेश कर अच्छा मुनाफा कमाने की बात कही। उसकी बातों पर भरोसा करके युवक ने 25 जुलाई 2024 से 3 सितंबर 2024 के बीच कुल 11 लाख 60 हजार रुपये निवेश कर दिए। इसके लिए उसने अपना खेत तक बेच दिया।

पुलिस की जांच में सामने आया कि रकम प्राप्त करने के लिए चंदन दास के माध्यम से बीड क्वाइन से जुड़े कार्य करने वाले भावेष पटेल के बैंक खाते का इस्तेमाल किया गया। निवेश के बाद पीड़ित को न तो मुनाफा मिला और न ही उसकी मूल रकम वापस की गई। लगातार मांग करने के बावजूद पैसे नहीं मिलने पर उसने पुलिस से शिकायत की।

बैंक खातों और मोबाइल फोन से खुली लेन-देन की कड़ी

मामले की जांच के दौरान साइबर पुलिस ने संबंधित बैंक खातों के स्टेटमेंट की जांच की। पुलिस के अनुसार, खातों में प्रार्थी और आरोपियों के बीच रकम के लेन-देन से जुड़े तथ्य सामने आए। विवेचना के बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपराध स्वीकार किया और उन्होंने घटना में इस्तेमाल किए गए अपने मोबाइल फोन भी जांच के लिए प्रस्तुत किए।

पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी गजुला मोहन के विरुद्ध वर्ष 2025 में भी चक्रधरनगर थाना क्षेत्र में धोखाधड़ी से संबंधित एक अन्य मामला दर्ज हुआ था। उस प्रकरण में विवेकानंद राउत, देवेंद्र महापात्रे और शरद जैन से जुड़ी शिकायत की जांच की गई थी। पुलिस का कहना है कि आरोपी न्यायालय से स्टे प्राप्त करने के बाद फरार चल रहा था।

ओडिशा और मुंबई तक जुड़े संपर्कों की जांच

पुलिस को इस मामले में रकम आगे अन्य लोगों तक भेजे जाने और ओडिशा तथा मुंबई तक संपर्क जुड़े होने की जानकारी मिली है। साइबर पुलिस अब निवेश के नाम पर प्राप्त रकम के लेन-देन, संभावित नेटवर्क और अन्य संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है।

ये तीन आरोपी गिरफ्तार

  1. गजुला मोहन (45 वर्ष) — मूल निवासी जिला गंजाम, ओडिशा; वर्तमान निवासी संजय नगर, चक्रधरनगर, रायगढ़।
  2. चंदन दास (33 वर्ष) — मूल निवासी जिला जगतसिंहपुर, ओडिशा; वर्तमान निवासी रायगढ़ स्टेडियम के पास, चक्रधरनगर, रायगढ़।
  3. भावेष पटेल (28 वर्ष) — निवासी कारीछापर, थाना पुसौर, जिला रायगढ़।

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