कुर्सी छोड़ जमीन पर बैठे थाना प्रभारी, महिलाओं से सहज संवाद, महिला शक्ति को बनाया पुलिस का मजबूत हथियार

रायगढ़। नशे के खिलाफ लड़ाई को केवल पुलिस की कार्रवाई तक सीमित न रखते हुए उसे जनभागीदारी का अभियान बनाने की दिशा में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह की रणनीति अब गांवों में असर दिखाने लगी है।

“ऑपरेशन आघात” के तहत अवैध शराब के खिलाफ लगातार कार्रवाई के साथ एसएसपी सिंह ने पुलिस अधिकारियों को ग्रामीणों, विशेषकर महिला समूहों को नशे के खिलाफ अभियान से जोड़ने पर जोर दिया है। इसी सोच को जमीन पर उतारते हुए थाना प्रभारी भूपदेवपुर निरीक्षक रोशन कुमार कौशिक ने स्वयं गांवों में पहुंचकर महिलाओं के बीच चौपाल लगाई और नशे के खिलाफ सामाजिक आंदोलन खड़ा करने की दिशा में पहल की।

इसी कड़ी में थाना प्रभारी निरीक्षक रोशन कुमार कौशिक ने ग्राम बिलासपुर में महिला समूहों के साथ बैठक की। ग्राम बिलासपुर में आयोजित चौपाल में थाना प्रभारी ने पुलिस अधिकारी की औपचारिक दूरी के बजाय महिलाओं के बीच जमीन पर बैठकर उनसे सीधे और सहज संवाद किया।

उन्होंने महिलाओं से गांव की स्थिति, नशे से जुड़ी समस्याओं और अवैध शराब के संबंध में जानकारी ली तथा उन्हें समझाया कि नशे की समस्या केवल शराब पीने वाले व्यक्ति की समस्या नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर परिवार, बच्चों, महिलाओं और पूरे समाज पर पड़ता है।

थाना प्रभारी ने महिलाओं को बताया कि नशे के कारण परिवारों में विवाद और घरेलू हिंसा बढ़ती है, आर्थिक स्थिति कमजोर होती है तथा कई बार नशे की लत व्यक्ति को चोरी, मारपीट और अन्य गंभीर अपराधों की ओर धकेल देती है। नशे में वाहन चलाने से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। उन्होंने महिलाओं से कहा कि यदि गांव को नशे से बचाना है तो महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे परिवार और समाज की स्थिति को सबसे करीब से देखती हैं।

एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशों का हवाला देते हुए थाना प्रभारी ने महिलाओं को भरोसा दिलाया कि भूपदेवपुर पुलिस अवैध शराब के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतेगी। अवैध शराब की बिक्री, निर्माण अथवा तस्करी की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की गई। साथ ही महिला एवं बाल सुरक्षा को लेकर पुलिस की संवेदनशीलता बताते हुए “हेलो सिस्टर” हेल्पलाइन नंबर 94792-70533 की जानकारी भी दी गई। थाना प्रभारी ने ग्रामीणों को गांव में आने वाले संदिग्ध अथवा बाहरी व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को देने के लिए भी जागरूक किया।

थाना प्रभारी की बातचीत का असर बैठक में साफ दिखाई दिया। महिला समूह की सदस्यों ने एकजुट होकर गांव में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री को रोकने में पुलिस का सहयोग करने का संकल्प लिया। महिलाओं ने भरोसा दिलाया कि वे अपने गांव को नशे से बचाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगी और अवैध शराब से जुड़ी किसी भी जानकारी को पुलिस तक पहुंचाएंगी।

दरअसल, एसएसपी शशि मोहन सिंह की इस पहल का उद्देश्य “ऑपरेशन आघात” को केवल रेड, गिरफ्तारी और जब्ती तक सीमित रखना नहीं, बल्कि समाज को साथ लेकर नशे के खिलाफ एक मजबूत सुरक्षा तंत्र तैयार करना है। इसी रणनीति के तहत थाना प्रभारी रोशन कुमार कौशिक स्वयं ग्रामीणों के बीच पहुंचकर पुलिस और जनता के बीच भरोसे की कड़ी मजबूत कर रहे हैं। एसएसपी की रणनीतिक सोच और थाना प्रभारी की जमीनी सक्रियता का यह तालमेल नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को सामाजिक आंदोलन में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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