रायपुर। पुरेना जोन क्षेत्र में विद्युत वितरण कंपनी द्वारा जारी किए जा रहे बिजली बिलों में लगातार गंभीर अनियमितताएं सामने आ रही हैं। इस संबंध में NSUI के प्रदेश सचिव कुणाल राजू दुबे ने कड़ी नाराज़गी व्यक्त करते हुए इसे आम जनता के साथ सीधा अन्याय बताया है।
कुणाल दुबे ने बताया कि क्षेत्र के कई उपभोक्ताओं को वास्तविक खपत से कई गुना अधिक बिजली बिल थमाए जा रहे हैं। जब जागरूक नागरिकों द्वारा स्वयं मीटर रीडिंग का मिलान किया गया, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। एक मामले में जहां उपभोक्ता को ₹22,000 का बिल दिया गया था, वहीं सही जांच के बाद वही बिल घटकर लगभग ₹10,000 रह गया।
उन्होंने यह भी कहा कि स्वयं विद्युत विभाग के अधिकारियों द्वारा यह स्वीकार किया गया है कि कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल अधिक जारी हो गए हैं और विभाग द्वारा उनमें सुधार करने की प्रक्रिया जारी है। इसके बावजूद बड़े स्तर पर ऐसी त्रुटियों का सामने आना विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि उपभोक्ताओं से बिना वास्तविकता के बिल मिलाए अधिक राशि वसूली जा रही है, तो यह अतिरिक्त पैसा आखिर किसकी जेब में जा रहा है? यह स्थिति सीधे तौर पर संकेत करती है कि विद्युत विभाग द्वारा बिजली बिल के नाम पर बड़ा घोटाला किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि इस प्रकार की लापरवाही और संदिग्ध वसूली न केवल विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है, बल्कि गरीब एवं मध्यम वर्गीय परिवारों को आर्थिक रूप से प्रभावित कर रही है।NSUI ने विद्युत विभाग से मांग की है कि पूरे क्षेत्र के बिजली बिलों की तत्काल निष्पक्ष जांच कराई जाए, मीटर रीडिंग प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए तथा जिन उपभोक्ताओं को गलत बिल दिए गए हैं, उन्हें तुरंत संशोधित कर राहत प्रदान की जाए। साथ ही दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई करने की भी मांग की गई है।कुणाल दुबे ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो NSUI आम जनता के साथ मिलकर उग्र आंदोलन एवं धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी।
