रायपुर। शासकीय उचित मूल्य दुकान में राशन वितरण में अनियमितता और सरकारी चावल के कथित गबन का मामला सामने आया है। शिकायत की जांच के दौरान दुकान के स्टॉक और ई-पॉस मशीन के रिकॉर्ड में भारी अंतर पाया गया। विभागीय जांच के आधार पर विक्रेता टोपेश्वर साहू के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया है।
मामला शासकीय उचित मूल्य दुकान आईडी क्रमांक 442001026, जोन क्रमांक 51 से संबंधित है। शिकायतकर्ता सरिता अग्रवाल की शिकायत पर 29 अक्टूबर 2025 को दुकान का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान विक्रेता टोपेश्वर साहू उपस्थित था। हितग्राहियों ने शिकायत की कि उन्हें अक्टूबर 2025 का चावल एवं शक्कर प्राप्त नहीं हुआ।
जांच में करीब 265 राशन कार्डों की एंट्री ई-पॉस मशीन में किए जाने के बावजूद हितग्राहियों को राशन एवं राशन कार्ड वापस नहीं दिए जाने की बात सामने आई। भौतिक सत्यापन में ई-पॉस रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर पाया गया तथा प्रारंभिक जांच में 20 क्विंटल 40 बोरी चावल की कमी मिली।
जांच में यह भी सामने आया कि करीब 250 राशन कार्डों की एंट्री ई-पॉस मशीन में की गई थी, लेकिन संबंधित हितग्राहियों को चावल वितरित नहीं किया गया। इससे 81.07 क्विंटल चावल के कथित गबन का मामला सामने आया। दुकान में स्टॉक रजिस्टर और आवश्यक सूचना बोर्ड भी उपलब्ध नहीं पाया गया।
रिकॉर्ड के अनुसार 12 से 15 अक्टूबर 2025 के बीच दुकान में 232.90 क्विंटल चावल प्राप्त हुआ था, जिसकी विधिवत पावती नहीं ली गई। जांच में कुल 333.97 क्विंटल चावल की कमी पाई गई। कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के बावजूद संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर 4 नवंबर 2025 को दुकानदार को निलंबित कर दुकान का संचालन अन्य संस्था को सौंप दिया गया।
दुकान हस्तांतरण से पहले 7 नवंबर 2025 को दोबारा भौतिक सत्यापन किया गया, जिसमें चावल की कमी बढ़कर 389.24 क्विंटल (778.48 बोरी) पाई गई। जांच रिपोर्ट के अनुसार सरकारी राशन के कथित गबन एवं धोखाधड़ी के माध्यम से करीब 15,91,898.18 रुपये की वित्तीय हानि पहुंचाए जाने का उल्लेख है।
रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने आरोपी टोपेश्वर साहू, पिता कामलनारायण साहू, उम्र 27 वर्ष, निवासी सत्य नगर, अमर ज्योति चौक, थाना खम्हारडीह, रायपुर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामले में विवेचना जारी है।
छत्तीसगढ़ खाद्य विभाग के अनुसार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से पात्र राशनकार्डधारियों को खाद्यान्न उपलब्ध कराना विभाग की प्रमुख जिम्मेदारी है।