बिलासपुर। साइबर ठगी की रकम को म्यूल बैंक खातों के जरिए जमा करने और UPI व ATM से निकालकर आपस में बांटने के मामले में सरकंडा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी संजय कुमार साहू (35) को गिरफ्तार किया है, जबकि उसका एक साथी फरार है। पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस मुख्यालय रायपुर और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर जिले में फर्जी एवं संदिग्ध म्यूल बैंक खातों की जांच की जा रही है। इसी दौरान भारत सरकार के पुलिस पोर्टल समन्वय (JMIS) के माध्यम से IDFC FIRST BANK के एक संदिग्ध बैंक खाते की जानकारी सामने आई। जांच में उक्त खाते से संबंधित साइबर ठगी की कुल 11 शिकायतें दर्ज होने और उसमें धोखाधड़ी की रकम जमा होने तथा स्थानांतरित किए जाने की जानकारी मिली।
जांच के दौरान पता चला कि संबंधित बैंक खाता ‘साहू बिल्डिंग मटेरियल सप्लायर’ के नाम पर पंजीकृत है। इसके प्रोपराइटर संजय कुमार साहू पिता शिवकुमार साहू, निवासी सेमरताल, गांधी चौक, थाना कोनी, जिला बिलासपुर हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपने फरार साथी के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचा था। आरोप है कि कई प्रलोभनों और साइबर धोखाधड़ी के माध्यम से लोगों के बैंक खातों से रकम निकालकर IDFC FIRST BANK और SBI के खातों में जमा कराई जाती थी। इसके बाद UPI और ATM के माध्यम से रकम निकालकर आपस में बांट ली जाती थी।
मामले में थाना सरकंडा में अपराध क्रमांक 1485/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2), 317(5), 318(4), 323 एवं 3(5) तथा आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत जांच की जा रही है।
पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए संजय कुमार साहू को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने साथी के साथ मिलकर अपराध में शामिल होने की बात स्वीकार की, ऐसा पुलिस का कहना है। पुलिस ने केस से संबंधित IDFC FIRST BANK और SBI BANK के खातों को जब्ती की कार्रवाई में शामिल किया है। गिरफ्तार आरोपी को रिमांड पर भेजा गया है। वहीं, फरार आरोपी की तलाश जारी है।