श्रीकृष्ण के महाप्रयाण के अंतिम साक्षी, परम सखा और सारथी दारुक की मार्मिक कथा
महाभारत और श्रीमद्भागवत में भगवान श्रीकृष्ण के कई अनन्य भक्तों का वर्णन है, जिन्होंने अपना सर्वस्व प्रभु को अर्पण कर दिया। कुरुक्षेत्र में जहाँ श्रीकृष्ण स्वयं अर्जुन के सारथी बने, वहीं द्वारका में भगवान के रथ की डोर जिस सेवक के हाथों में थी, वे थे—दारुक। आइए जानते हैं प्रभु के इस परम सेवक की…