रायगढ़। कोतरारोड़ पुलिस ने राहगीरों से गिरोह बनाकर लूटपाट करने वाले एक गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दो अलग-अलग लूट की वारदातों का खुलासा करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक विधि से संघर्षरत बालक को अभिरक्षा में लिया गया है। आरोपियों के कब्जे से लूटे गए 3 मोबाइल फोन, 1000 रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल जावा व पल्सर बाइक बरामद की गई है।
पुलिस के मुताबिक, 8 सितंबर की रात किरोड़ीमलनगर रेलवे लाइन के पास आरोपियों ने गेल्वे कंपनी के सेल्समैन गोविंद सिंह धुर्वे और उसके साथी नरेश सिंह को घेर लिया था। पैसे मांगने के बाद आरोपियों ने दोनों के मोबाइल फोन लूट लिए और विरोध करने पर मारपीट की। इसके बाद नरेश के मोबाइल से एक दुकान पर 4 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए।
इसी रात रेलवे स्टेशन चौक के पास एक अन्य सेल्समैन आर्यन बंजारे के साथ भी 6-7 युवकों ने मारपीट कर उसका रेडमी मोबाइल और पर्स लूट लिया। पर्स में आधार कार्ड और पैन कार्ड भी थे। दोनों मामलों की शिकायत के बाद कोतरारोड़ पुलिस ने जांच शुरू की।
पूछताछ में खुला लूट के गैंग का राज
एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में पुलिस ने संदिग्धों की पतासाजी शुरू की। पूछताछ में आरोपियों ने दोनों वारदातों में शामिल होना स्वीकार किया। पुलिस के अनुसार, ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए 4 हजार रुपये में से बची 1000 रुपये की रकम का आरोपियों ने आपस में बंटवारा किया था। पुलिस ने आरोपियों के मेमोरेण्डम के आधार पर अन्य सदस्यों को भी पकड़ा और उनके कब्जे से लूट की संपत्ति बरामद की। जांच में आरोपियों की संख्या पांच से अधिक पाए जाने पर पुलिस ने प्रकरण में लूट की धाराओं में संशोधन करते हुए बीएनएस की धारा 310(2) के तहत डकैती का अपराध जोड़ा है। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में विमल उरांव, रितेश कुमार महंत उर्फ गोल्डी, दुर्गेश चौहान, बिट्टू उर्फ विवेक पटैल, महावीर पटैल और ऋषि चौहान शामिल हैं। इनके साथ एक विधि से संघर्षरत बालक को भी अभिरक्षा में लिया गया है।