हिमंत सरमा बनाम भूपेश बघेल : असम में उनकी कोई रुचि नहीं…फिर खेलना एफ़आईआर एफ़आईआर…

रायपुर। कांग्रेस द्वारा छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को असम का प्रभारी बनाए जाने के बाद छत्तीसगढ़ और असम की राजनीति के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भूपेश बघेल की भूमिका और असम में उनकी रुचि को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी जानकारी के मुताबिक बघेल की असम की राजनीति में कोई खास दिलचस्पी नहीं है। सरमा ने यह भी कहा कि बघेल छत्तीसगढ़ में कई राजनीतिक और निजी समस्याओं में उलझे हुए हैं।

हिमंत सरमा के इस बयान पर भूपेश बघेल ने तीखा पलटवार किया। बघेल ने तंज कसते हुए कहा, “और आपकी ‘रुचि’ मुझमें है?” उन्होंने बीजेपी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा के लोग गजब हैं और उनसे भी गजब कांग्रेस से भाजपा में आए हिमंत बाबू हैं।बघेल ने आगे कहा कि हिमंत सरमा को अपनी और अपने आकाओं की चिंता करनी चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर उनके आकाओं की “रुचि” किसी और में आ गई तो उनके काम-धंधे का क्या होगा। बघेल ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर कहा कि समय इसका जवाब देगा और फिर “एफआईआर-एफआईआर” खेलने की बात कही।

हिमंत सरमा के बयान से बढ़ी सियासी गर्मी

दरअसल, भूपेश बघेल को असम का प्रभारी बनाए जाने के बाद कांग्रेस ने उन्हें असम में संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी है। इसी को लेकर हिमंत बिस्वा सरमा की टिप्पणी सामने आई, जिसके बाद दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक वार-पलटवार शुरू हो गया है।

बीजेपी की ओर से हिमंत सरमा लगातार कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति और उसके नेताओं की भूमिका पर सवाल उठाते रहे हैं। ऐसे में बघेल को असम की जिम्मेदारी मिलने के बाद सरमा की टिप्पणी को असम की राजनीति में कांग्रेस के सामने बीजेपी की चुनौती के रूप में भी देखा जा रहा है।

अब भूपेश बघेल के पलटवार के बाद यह विवाद और गरमाता नजर आ रहा है। आने वाले दिनों में असम में कांग्रेस की सक्रियता और बघेल की भूमिका पर दोनों दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

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