Dhamtari(धमतरी)। धमतरी की तीन बेटियों संजना साहू, रंजना साहू और निकिता ने अपने हुनर, मेहनत और आत्मविश्वास से यह साबित कर दिखाया है कि अवसर और सही प्रशिक्षण मिले तो बेटियां किसी भी तकनीकी क्षेत्र में सफलता का नया अध्याय लिख सकती हैं। मधुरिमा गुरुकुल SEDI, धमतरी में इलेक्ट्रीशियन ट्रेड का प्रशिक्षण लेने वाली इन तीन महिला प्रशिक्षुओं का चयन देश की प्रतिष्ठित कंपनी फॉक्सकॉन, बेंगलुरु में हुआ है।

यह एक बड़ी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग कंपनी है, जो Apple के लिए iPhone सहित अन्य उपकरणों की असेंबली/निर्माण करती है। तीनों प्रशिक्षुओं को शुरुआत में ₹20 हजार प्रतिमाह CTC का रोजगार ऑफर मिला है। यह उपलब्धि न केवल प्रशिक्षण की गुणवत्ता और प्रशिक्षुओं की मेहनत को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि बेटियां तकनीकी एवं औद्योगिक क्षेत्रों में भी अपनी मजबूत पहचान बना सकती हैं।
धमतरी की इन तीन बेटियों की कहानी इसी पहल की सबसे प्रेरक तस्वीर है। इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में सीखा हुनर अब उन्हें बेंगलुरु के औद्योगिक क्षेत्र तक ले जा रहा है। उनकी सफलता केवल रोजगार पाने की उपलब्धि नहीं, बल्कि धमतरी की बेटियों के बढ़ते आत्मविश्वास, तकनीकी दक्षता और आत्मनिर्भरता की नई पहचान है।
इन बेटियों की सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने ऐसे तकनीकी ट्रेड को चुना, जिसे लंबे समय से पुरुष-प्रधान क्षेत्र माना जाता रहा है। इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में प्रशिक्षण लेकर औद्योगिक क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनी तक पहुंचना उनकी तकनीकी दक्षता, सीखने की लगन और आत्मविश्वास को दर्शाता है। उनकी यह उपलब्धि धमतरी की अन्य बेटियों के लिए भी प्रेरक संदेश है कि तकनीकी कौशल के क्षेत्र में महिलाओं के लिए भी रोजगार और करियर की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
प्रशिक्षण के दौरान इन बेटियों ने इलेक्ट्रीकल कार्यों की बारीकियों, उपकरणों के उपयोग, विद्युत सुरक्षा, वायरिंग, मशीनरी एवं इलेक्ट्रिकल सिस्टम से जुड़े व्यावहारिक कार्यों में दक्षता हासिल की। प्रशिक्षण ने उनके भीतर केवल तकनीकी क्षमता ही विकसित नहीं की, बल्कि बड़े औद्योगिक संस्थानों में काम करने का आत्मविश्वास भी बढ़ाया। यही आत्मविश्वास उन्हें धमतरी से बेंगलुरु तक रोजगार के नए अवसर तक ले गया।