दुर्ग। जामुल थाना क्षेत्र के देवनगर और शिवपुरी में लोहे के एंगल एवं तार जाली चोरी के मामले में दुर्ग पुलिस ने मुख्य आरोपी बताए जा रहे सुरेश सिंह उर्फ सुरेश पाण्डेय को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को 17 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। मामले में इससे पहले गोदाम के मैनेजर नरसिंह यादव को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने कबाड़ी गोदाम से चोरी की संपत्ति के साथ बड़ी मात्रा में अन्य लौह कबाड़ सामग्री भी जब्त की है, जिसकी जांच जारी है।
पुलिस के अनुसार, जामुल थाना क्षेत्र में वर्ष 2025 के दौरान देवनगर और शिवपुरी से लोहे के एंगल एवं तार जाली चोरी होने के मामले में अपराध क्रमांक 400/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) में अपराध दर्ज किया गया था।
इसी मामले की जांच के दौरान 13 अक्टूबर 2026 को पुलिस को सूचना मिली कि शंकर नगर, छावनी स्थित पाण्डेय कबाड़ी के गोदाम में चोरी का स्क्रैप छिपाकर रखा गया है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने गोदाम में छापा मारा। वहां से लोहे के एंगल, तार जाली और अन्य स्क्रैप सामग्री बरामद की गई। पुलिस ने सामग्री जब्त कर उसके स्रोत और चोरी के मामले से संबंध की जांच शुरू की।
मैनेजर से पूछताछ में सामने आया नाम
पुलिस के मुताबिक, गोदाम के मैनेजर नरसिंह यादव से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर बरामद सामग्री का जामुल थाने में दर्ज चोरी के प्रकरण से मिलान किया गया। इसके बाद मामले के अन्य आरोपी सुरेश सिंह उर्फ सुरेश पाण्डेय की तलाश शुरू की गई।
आज मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर सुरेश पाण्डेय को पकड़ लिया। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में वर्ष 2025 के दौरान देवनगर और शिवपुरी क्षेत्र से अपने कर्मचारियों के साथ लोहे के एंगल एवं तार जाली चोरी करने के संबंध में जानकारी सामने आई। इसके बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस ने प्रकरण से संबंधित चोरी की संपत्ति के रूप में 20 लोहे के एंगल और तार जाली के दो बंडल जब्त किए हैं। इसके अलावा गोदाम से रेल पटरी का एक टुकड़ा, एंगल पट्टी के 10 नग, लोहे का सरिया, गैस कटिंग नोजल, तीन तौल मशीन, आठ ऑक्सीजन सिलेंडर और चार एलपीजी सिलेंडर भी जब्त किए गए हैं। जब्त सामग्री में लोहे की क्वाइल के चार बंडल, लगभग 18 टन से अधिक अन्य लौह कबाड़, चमकीली धातु की चार बोरियां, एल्युमिनियम की पट्टी, एक कैलकुलेटर और टाटा-एस पिकअप वाहन क्रमांक CG 07 BR 3212 भी शामिल हैं।