दुर्ग। जिले में जमीन की खरीदी-बिक्री के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने दूसरे की जमीन को अपनी बताकर शिकायतकर्ता को 1200 वर्गफीट का प्लॉट बेच दिया और जमीन खरीदी एवं मकान निर्माण के नाम पर अलग-अलग किस्तों में कुल 24 लाख 28 हजार रुपये प्राप्त कर लिए। बाद में पता चला कि जिस जमीन की रजिस्ट्री कराई गई थी, वह किसी अन्य महिला की है। मामले में स्मृतिनगर चौकी पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता मोहन लाल देवांगन निवासी एलआईजी 491/492 हाउसिंग बोर्ड कोहका, भिलाई ने 7 अप्रैल को पुलिस अधीक्षक दुर्ग के समक्ष लिखित शिकायत प्रस्तुत की थी। शिकायत में बताया गया कि वर्ष 2016 में मकान निर्माण के लिए जमीन खरीदने के संबंध में उसकी मुलाकात आरोपी अवतार सिंह से हुई थी। अवतार सिंह ने अपने साथी के साथ जमीन की खरीदी-बिक्री का काम करना बताया और मौजा कोहका स्थित खसरा नंबर 1704/88 की भूमि में से 1200 वर्गफीट का प्लॉट दिखाकर सौदा तय किया।
इसके बाद 30 सितंबर 2016 को शिकायतकर्ता के पक्ष में जमीन की रजिस्ट्री कराई गई। शिकायतकर्ता के अनुसार, उसने जमीन खरीदने और मकान निर्माण के नाम पर आरोपियों को अलग-अलग किस्तों में कुल 23 लाख 28 हजार रुपये दिए थे। लेकिन बाद में उसे जानकारी मिली कि जिस जमीन पर मकान निर्माण कराया जा रहा था, वह वास्तव में माया सिंह नामक महिला की है।
इसके बाद आरोपियों ने 22 सितंबर 2018 को इकरारनामा निष्पादित कर शिकायतकर्ता को जमीन की रकम 23 लाख 28 हजार रुपये और रजिस्ट्री खर्च एक लाख रुपये सहित कुल 24 लाख 28 हजार रुपये वापस करने का आश्वासन दिया। इसके लिए भारतीय स्टेट बैंक, सुपेला शाखा के तीन चेक भी दिए गए, लेकिन खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण तीनों चेक अनादरित हो गए।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपियों ने 16 मार्च 2021 को मौजा कोहका स्थित खसरा नंबर 1704/2, रकबा 1200 वर्गफीट भूमि की रजिस्ट्री चिरंजीवन कोनार नामक व्यक्ति के पक्ष में फर्जी तरीके से कराई। आरोप है कि वास्तविक भूमि स्वामी को भुगतान किए बिना कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से यह पूरी प्रक्रिया की गई। शिकायत की जांच के बाद प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का मामला पाए जाने पर चौकी स्मृतिनगर, थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 1635/2026 के तहत धारा 420, 120बी एवं 34 भादवि में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई।
पुलिस ने मामले में संलिप्तता के आरोप में अवतार सिंह और मनोज कुमार सोनी को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका, जमीन से संबंधित दस्तावेजों और रजिस्ट्री की वैधानिकता की विस्तृत जांच कर रही है।
गिरफ्तार आरोपी
- अवतार सिंह, निवासी भिलाई, जिला दुर्ग।
- मनोज कुमार सोनी, निवासी भिलाई, जिला दुर्ग।