गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले के मरवाही वन परिक्षेत्र में हाथियों की बढ़ती सक्रियता और उनके आक्रामक व्यवहार ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। नाका मटियाडांड़ बीट सहित आसपास के गांवों में 62 हाथियों के झुंड की मौजूदगी को देखते हुए शिक्षा विभाग ने बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर बड़ा फैसला लिया है। हाथी प्रभावित रेड जोन में आने वाले 9 स्कूलों में दो दिनों का अवकाश घोषित कर दिया गया है।
जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी के निर्देश पर मरवाही विकासखंड शिक्षा अधिकारी संजय वर्मा ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। विभाग का उद्देश्य हाथियों की आवाजाही वाले संवेदनशील इलाकों में बच्चों को किसी भी संभावित खतरे से बचाना है।
जारी आदेश के अनुसार मरवाही विकासखंड के 9 स्कूलों में दो दिन का अवकाश रहेगा:
- प्राथमिक शाला नाका
- माध्यमिक शाला नाका
- प्राथमिक शाला चनवारीडांड
- प्राथमिक शाला बहरीझोरकी
- प्राथमिक शाला बीजाडांड
- प्राथमिक शाला पोखरीडांड़
- माध्यमिक शाला पोखरीडांड़
- प्राथमिक शाला कोरचानपारा (मटियाडांड़)
- प्राथमिक शाला खपरैलटोला (टिपकापानी)
शिक्षा विभाग के अनुसार, इन स्कूलों में दो दिन की छुट्टी के बाद 6 नवंबर से दीपावली का अवकाश भी शुरू हो जाएगा। ऐसे में प्रभावित स्कूलों के बच्चे अब सीधे दीपावली की छुट्टियों के बाद ही स्कूल पहुंचेंगे।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर विभाग सतर्क
मरवाही क्षेत्र में 62 हाथियों के झुंड की मौजूदगी और उनके आक्रामक रुख को देखते हुए शिक्षा विभाग ने एहतियाती कदम उठाया है। हाथियों की आवाजाही वाले गांवों में बच्चों का स्कूल आना-जाना जोखिम भरा हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने स्कूलों में अस्थायी अवकाश घोषित किया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।