दुर्ग। दीपावली के पावन अवसर पर दुर्ग पुलिस ने शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों के बीच पहुंचकर उन्हें त्योहार की शुभकामनाएं दीं और उनके सुख-दुख में सहभागी बनने का संदेश दिया। छत्तीसगढ़ पुलिस एवं छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल में कर्तव्य निर्वहन के दौरान अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले 37 अधिकारी-कर्मचारियों के परिवारों से संपर्क कर उन्हें शुभकामना भेंट प्रदान की गई। इस दौरान परिजनों का हालचाल जानकर उन्हें भरोसा दिलाया गया कि पुलिस विभाग हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा है।
इस विशेष पहल के तहत दुर्ग के उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल स्वयं शहीद पुलिसकर्मियों के निवास स्थान पहुंचे। उन्होंने शहीद आरक्षक आदेश के एसटीएफ कॉलोनी, सिंधिया नगर स्थित निवास, शहीद आरक्षक अवनी सिंह के नई पुलिस लाइन स्थित निवास और शहीद आरक्षक मनोज वर्मा के पांच बिल्डिंग, दुर्ग स्थित निवास पर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की।
इस दौरान उन्होंने परिवार के सदस्यों का कुशलक्षेम जाना और दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए उन्हें उपहार भेंट किए।

37 शहीद परिवारों तक पहुंचा पुलिस विभाग
दुर्ग जिले के शेष शहीद परिवारों से मुलाकात करने के लिए नगर पुलिस अधीक्षकों, अनुविभागीय पुलिस अधिकारियों और थाना-चौकी प्रभारियों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने अलग-अलग क्षेत्रों में शहीद परिवारों के घर पहुंचकर दीपावली की शुभकामना भेंट दी और उनका हालचाल जाना।
इस पहल का उद्देश्य शहीद पुलिसकर्मियों के बलिदान को याद करने के साथ उनके परिवारों को यह एहसास कराना था कि वे अकेले नहीं हैं और पुलिस विभाग आज भी उनके साथ परिवार की तरह खड़ा है।
‘शहीदों का बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा’
डीआईजी एवं एसएसपी दुर्ग विजय अग्रवाल ने कहा कि राष्ट्र और समाज की सुरक्षा के लिए शहीद पुलिसकर्मियों ने जो सर्वोच्च बलिदान दिया है, वह सदैव स्मरणीय रहेगा। छत्तीसगढ़ शासन और पुलिस विभाग शहीद परिवारों के साथ हर परिस्थिति में खड़ा है तथा उनके सुख-दुख में सहभागी बना रहेगा।