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गोवा एयरपोर्ट पर हवाई हमले और ड्रोन खतरे से निपटने की तैयारी, CISF ने भारतीय नौसेना के साथ किया मॉक ड्रिल

गोवा। हवाई सुरक्षा को और मजबूत बनाने तथा ड्रोन से उत्पन्न संभावित खतरों से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने गोवा एयरपोर्ट पर भारतीय नौसेना के साथ संयुक्त मॉक अभ्यास आयोजित किया। इस अभ्यास का उद्देश्य हवाई खतरों की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, सुरक्षा व्यवस्था और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की क्षमता का आकलन करना था।

CISF और भारतीय नौसेना के संयुक्त अभ्यास के दौरान हवाई हमले और ड्रोन से पैदा होने वाले संभावित सुरक्षा खतरों से निपटने की प्रक्रिया का परीक्षण किया गया। इसमें आपात स्थिति में सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया, संचालन संबंधी तैयारियों और अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल को परखा गया।

अभ्यास के जरिए यह समझने का प्रयास किया गया कि किसी भी संभावित हवाई खतरे की स्थिति में संबंधित सुरक्षा एजेंसियां किस तरह तेजी से और आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई कर सकती हैं।

संयुक्त मॉक अभ्यास के बाद भारतीय नौसेना की ओर से CISF personnel के लिए ड्रोन परिचय एवं जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। इसमें जवानों को एंटी-ड्रोन सिस्टम और उसकी क्षमताओं के बारे में जानकारी दी गई।

सत्र के दौरान बताया गया कि एंटी-ड्रोन प्रणाली किस तरह संदिग्ध ड्रोन की पहचान करने, उसकी गतिविधियों पर नजर रखने और खतरे को निष्क्रिय करने में सक्षम होती है। इससे CISF कर्मियों को ड्रोन से जुड़े सुरक्षा जोखिमों और उनसे निपटने की तकनीकी प्रक्रियाओं को समझने में मदद मिली।

एयरपोर्ट सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर

CISF के अनुसार, इस संयुक्त अभ्यास से सुरक्षा बलों की परिचालन तैयारियों, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय और आपात स्थिति में त्वरित एवं संगठित प्रतिक्रिया के महत्व को मजबूती मिली है। बदलती सुरक्षा चुनौतियों के बीच एयरपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के अभ्यास महत्वपूर्ण हैं।

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