दुर्ग। शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने भारी एवं मध्यम मालवाहक वाहनों के प्रवेश को लेकर जारी आदेश में संशोधन किया है। नए आदेश के तहत दुर्ग शहर के निर्धारित 9 मार्गों पर अब सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक भारी और मध्यम मालवाहक वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यह व्यवस्था 16 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी।
इसके साथ ही भिलाई के नंदिनी रोड पर पावर हाउस चौक से छावनी चौक तक भी भारी एवं मध्यम मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक प्रतिबंध रहेगा।
यातायात पुलिस दुर्ग के प्रेस नोट के अनुसार, पहले दुर्ग शहर में प्रवेश करने वाले निर्धारित 9 मार्गों पर दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक भारी एवं मध्यम मालवाहक वाहनों को आवागमन की छूट दी जाती थी। संशोधित आदेश के तहत इस छूट को 16 नवंबर 2026 तक समाप्त कर दिया गया है।
अब इन सभी मार्गों पर सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक भारी एवं मध्यम मालवाहक वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
दुर्ग शहर के इन 9 मार्गों पर रहेगी नो एंट्री
प्रशासन द्वारा जिन 9 मार्गों पर भारी और मध्यम मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है, वे इस प्रकार हैं—
- पुलगांव चौक से पोटिया रोड।
- पुलगांव चौक से गंजपारा चौक की ओर।
- गुरुद्वारा चौक से बटालियन रोड।
- धमधा नाका रेलवे ओवरब्रिज से ग्रीन चौक की ओर।
- पुष्पक नगर से कातुलबोर्ड रोड।
- ग्राम बघेरा से गंजपारा दुर्ग की ओर।
- 32 बंगला (बायपास ब्रिज) से दुर्ग की ओर।
- ठगड़ा बांध से दुर्ग शहर की ओर।
- धनौरा बायपास की ओर से महाराजा चौक की ओर जाने वाला सड़क मार्ग।
नंदिनी रोड पर भी बढ़ाया गया प्रतिबंध का समय
भिलाई के पावर हाउस चौक से छावनी चौक तक भारी एवं मध्यम मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर भी प्रतिबंध का समय बढ़ाया गया है। पहले इस मार्ग पर सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक प्रतिबंध लागू था। संशोधित आदेश के अनुसार अब 16 नवंबर 2026 तक सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक इन वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट रहेगी। इनमें एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, एलपीजी गैस सिलेंडर परिवहन करने वाले वाहन, शासकीय उचित मूल्य दुकानों के खाद्यान्न वितरण वाहन, कस्टम मिलिंग के तहत धान-चावल परिवहन करने वाले वाहन तथा दूध, सब्जी, फल और अन्य दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुओं के परिवहन वाले वाहन शामिल हैं।