नई दिल्ली। पश्चिम एशिया के संकट का असर भारत पर भी पड़ रहा है. ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत करेंगे और मौजूदा हालात पर चर्चा करेंगे. इस तरह पीएम ने ‘टीम इंडिया’ वाली भावना के साथ काम करने की स्ट्रैटेजी बनाई है।
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के चलते पश्चिम एशिया का संकट कब तक चलेगा, इस पर अनिश्चितता के बादल छाए हुए हैं. ईरान से जंग खत्म होने के बजाय खिंचती जा रही है. भारत में भी युद्ध का असर दिख रहा है.पश्चिम एशिया के हालातों से निपटने और युद्ध से पड़ने वाले प्रभाव को कम करने के लिए मोदी सरकार ने एक्सरसाइज शुरू कर दी है।
पश्चिम एशिया के संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक किया. अब पीएम मोदी खुद शुक्रवार की शाम छह बजे चुनाव राज्यों को छोड़कर देश के बाकी मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत करेंगे. पीएम मोदी के इस बैठक का मुख्य मकसद ‘टीम इंडिया’ की भावना के साथ मिलकर काम करने और राज्य के साथ बेहतर तालमेल बिठाकर चलने की रणनीति है।
पीएम मोदी ने कोराना काल में भी ऐसी ही ‘टीएम इंडिया’ वाले फॉर्मूले के साथ काम किया था. प्रधानमंत्री ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बातचीत करके कोराना जैसी महामारी से पार पाया था. पश्चिम एशिया में युद्ध से बने हालात के बीच पीएम मोदी ने फिर से टीम इंडिया की भावना के साथ काम करने की स्टैटेजी अपनाई है।
मुख्यमंत्रियों के साथ पीएम मोदी करेंगे चर्चा–
पीएम मोदी वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए शुक्रवार को मुख्यमंत्रियों के साथ पश्चिम एशिया में युद्ध से बने हालात और उससे पड़ रहे प्रभाव पर चर्चा करेंगे. इस बातचीत में उन 5 राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल नहीं होंगे, जहां विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं. आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने के चलते तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल,असम और पुडुचेरी के मुख्यमंत्री शामिल नहीं होंगे. हालांकि, कैबिनेट सचिवालय इन राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ अलग से मीटिंग करेगा।
देश भर के मुख्यमंत्रियों को मौजूदा हालात के बारे में जानकारी देंगे और पश्चिम एशिया के युद्ध संकट से निपटने के भारत के तरीके पर व्यापक सहमति बनाने की कोशिश करेंगे. इस बैठक का उद्देश्य ‘टीम इंडिया’ की भावना के साथ प्रयासों में तालमेल सुनिश्चित करना है।